रेल बजट वीज़न और रोड मैप‌ से आरी: अपोज़िशन

नई दिल्ली

अपोज़िशन ने आज रेल बजट पर शदीद तन्क़ीद करते हुए उसे वीज़न और रोड मैप‌ से आरी दस्तावेज़ क़रार दिया। बाज़ अरकान ने बजट में कई रियासतों को नजरअंदाज़ करने का भी इल्ज़ाम आइद किया जहां कोई नई ट्रेन मुतआरिफ़ नहीं की गई। तृणमूल कांग्रेस रुकन के घोष दस्तीदार ने रेल बजट 2015-16 -ए-पर लोक सभा में जारी मुबाहिस में हिस्सा लेते हुए कहा कि ये मुख़ालिफ़ अवाम और किसी वीज़न से आरी बजट है।

अवाम को महरूम रखा गया है और रेल बजट का कोई रोड मैप नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में कोई नई बात नहीं और बाज़ दावे सिर्फ़ एक मज़ाक़ है। वज़ीर रेलवे सुरेश प्रभु ने तृणमूल कांग्रेस सरबराह और साबिक़ वज़ीर रेलवे ममता बनर्जी के वीज़न दस्तावेज़ को नजरअंदाज़ कर दिया है।

उन्होंने जानना चाहा कि क्या सियासी बुनियादों पर ऐसी किया गया है। सी पी आई (ऐम) के एमबी राजेश ने कहा कि रेलवेज़ को बतौर पब्लिक सेक्टर मुस्तहकम बनाने के लिए इक़दामात किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एफडी आई और पी पी पी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) सरमाया कारी से ज़्यादा फ़ायदा होने वाला नहीं।

उन्होंने कहा कि हम रेलवेज़ के बेहतर नताइज के लिए पी पी पी और एफडी आई पर यक़ीन नहीं रखते। उन्होंने कहा कि किरायों में इज़ाफे की वजह से मुसाफ़िरयन से होने वाली आमदनी जारिया साल कम होजाएगी। हुकूमत को चाहिए था कि करोड़ ऑयल की क़ीमतों में आई गिरावट के पेशे नज़र मुसाफ़िर किरायों में कमी करती।

उन्होंने कहा कि शरह बारबुर्दारी में इज़ाफे से इफ़रात-ए-ज़र पर असर पड़े गा। कलिकेश सिंह देव (बी जे डी) और पी कुमार (अन्ना डी एम के) ने भी रेल बजट पर तन्क़ीद की।