लखनउ: उर्दू की तरक़्क़ी-ओ-तरवीह और बर्र-ए-आज़म एशीया में अवामी बोल चाल की ज़बान बनाने के लिए आइन्दा साल लखनउ में आलमी उर्दू कान्फ़्रेंस मुनाक़िद की जाएगी। क़ौमी काउंसिल बराए तरक़्क़ी उर्दू ज़बान के ज़ेर-ए-एहतेमाम माह जनवरी में मुनाक़िद शुदणी कान्फ़्रेंस के लिए तैयारीयां ज़ोर-ओ-शोर से जारी हैं और दुनिया भर से उर्दू नुमाइंदा शख्सियतें कान्फ़्रेंस में शरीक होंगी।
मुज़फ़्फ़र हुसैन सदर नशीन एन सी पी यू एल ने ये इत्तेला दी जो कि विज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल के ज़ेर-ए-इंतेज़ाम एक ख़ुदमुख़तार इदारा है। उन्होंने बताया कि एशीया में उर्दू ज़बान को मक़बूल आम बनाने और आसान तरिक़े से उर्दू ज़बान को सीखाने के लिए जदीद टेक्नालोजी और टेक्निक के इस्तेमाल पर भी कान्फ़्रेंस में तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनउ में उर्दू शारा-ए-का एक म्यूज़ीयम क़ायम करने का मंसूबा है और बहुत जल्द रियासती हुकूमत को इस ख़सूस में एक तजवीज़ रवाना करदी जाएगी।