लातूर में भगवा ध्वज फहराने से रोकने पर मुस्लिम पुलिसकर्मी पर हुए हमले में 16 लोग गिरफ़्तार

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पिछले हफ्ते सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र लातूर जिले में “भगवा ध्वज” लगाने से स्थानीय लोगों को रोकने पर दो पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के आरोप में 16 लोगों को गिरफ़्तार किया है |

भीड़ ने कथित तौर पर सब इंस्पेक्टर युनुस शेख (57) की पिटाई की और उनके कुलीग के.अवस्कर के साथ हाथापाई की थी जब उन्होंने पन्गांव में विवादास्पद स्थल पर झंडा लगाने से भीड़ को रोका था | शेख को हमले के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया है |

पन्गांव की 12000 की आबादी में मराठों, दलितों, रेड्डी और दूसरे लोगों के साथ मुसलमानों भी रहते हैं।
पुलिस ने बताया कि 19 फ़रवरी की रात को, शेख और अवस्कर ने कथित तौर पर “संवेदनशील” क्षेत्र में झंडा लगाने से स्थानीय युवकों के एक समूह को रोक दिया था । समूह में शामिल मराठे और अन्य हिंदु शिवाजी जयंती मना रहे थे |

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शेख और अवस्कर पनगनी पुलिस चौकी पर ड्यूटी पर मौजूद थे जब मौक़े पर पहुंचे स्थानीय युवकों को झंडा लगाने से रोकते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ झंडा लगाना सांप्रदायिक हिंसा को जन्म दे सकता है |उन्होंने बताया कि हफ़्ते के रोज़ गांव से लगभग 200-300 लोगों की भीड़ 9PM बजे पुलिस चौकी में आयी उन्होंने अपने साथ आये हुए युवकों को यह कहकर उकसाया था कि दोनों पुलिसकर्मियों ने झंडा पैरों के नीचे कुचला था |

भीड़ ने कथित तौर पर लाठियों के साथ दोनों पर हमला शुरू कर दिया। एएसआई और उनके सहयोगी सिर में काफ़ी चोटें आयीं लेकिन शेख को बहुत बुरी तरह पीटा गया जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया |

वायरल हुए वीडियो को देखकर पता चल रहा है कि भीड़ ने शेख को पीटने के बाद भगवा झंडे के साथ सड़क पर परेड करायी जा रही है |

एक अन्य घटना में महाराष्ट्र के धुले जिले में एक पुलिस इंस्पेक्टर ने जब दो ग्रुप के बीच हो रही लड़ाई में बीच बचाव की कोशिश कराने के पर उनपर तलवार से हमला किया गया।

धुले पुलिस ने बताया कि इंस्पेक्टर की पहचान रमेश परदेसी के तौर पर हुई है इस घटना में उनके सिर पर चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है |