लालू के इशारे पर बिस्कोमान की जायदाद पर कब्जा करने की साजिश

रियासत में सहकारी तहरीक कमजोर होकर दूसरा शक्ल लेता जा रहा है। बिस्कोमान की जायदाद को लुटने और इस पर बिस्कोमान के मौजूदा सदर कब्जा जमाने के लिए पूरा कोशिश कर रहे हैं। ये सारे काम राजद सरबराह लालू प्रसाद यादव के इशारे पर हो रहा है। लालू सहकारिता आंदोलन को बर्बाद कर रहे हैं।

यह इल्ज़ाम बिहार को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के सदर विनय कुमार शाही ने अपने मुद्दत में मुनक्कीद प्रेस कोन्फ़्र्नेस में लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर एसएफसी पैक्सों में पड़े लाखों मेट्रिक टन धान की खरीद नहीं करता और बकाये की अदायगी नहीं करता है, तो पूरे रियासत सतह पर तौसिह तहरीक किया जायेगा। पैक्स से जुड़े किसान सत्याग्रह करेंगे। एसएफसी के खिलाफ जोरदार तहरीक किया जायेगा। पैक्सों का धान खरीद का करीब 640 करोड़ आज भी एसएफसी के पास बकाया है, जिसका अदागयी नहीं हो रहा है।

तालीम-तरबियत सेंटर की जल्द हो कायम

शाही ने बताया कि पैक्सों से जुड़े तमाम अवामी नुमाइंदों और मुलाज़िमीन को ट्रेनिंग देने के लिए एक तालीमी तरबियत सेंटर की कियादत बेहद जरूरी है। इसके लिए रियासती हुकूमत के पास 52 करोड़ का परपोजल तैयार करके भेज दिया गया है। महकमा जितनी जल्दी सिफ़ारिश कर देगा, उतनी जल्दी यह निज़ाम शुरू हो जायेगी। इसके अलावा सहकारी हाट बनाने का भी परपोजल तैयार किया गया है।

मिस्टर शाही ने बिस्कोमान के काम काज पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि जब इसका मुद्दत पूरा होने में अभी दो साल बचा हुआ है, तो इतने आनन-फानन में इन्हें मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराने की क्या जरूरत थी। इसका मकसद साफ है कि आज़ादी और हासिल करने की आड़ में इसकी करोड़ों की जायदाद को लूटना और इस पर कब्जा करने की साजिश है. मल्टी स्टेट सोसाइटी में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद बिस्कोमान को क्या फायदा हुआ है। पहले से भी इसकी काम काज का सिस्टेम ज्यादा खराब और सुस्त हो गयी है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो लालू प्रसाद यादव मरकज़ का मुखालिफत कर रहे हैं और दूसरी तरफ अपने आदमी के जरिये से वे मल्टी स्टेट सोसाइटी के तहत रजिस्ट्रेशन लेने के लिए मरकज़ के पास जा रहे हैं।