लोक गठबंधन पार्टी ने ऐप्पल कार्यकारी विवेक तिवारी की हत्या के लिए यूपी पुलिस की निंदा की

लखनऊ: लोक गठबंधन पार्टी ने आज उत्तर प्रदेश पुलिस को राज्य में कानून व्यवस्था के नियंत्रण में विफल रहने के लिए दोषी मkनk। एलजीपी ने पुलिस पूरी तरह से अनियंत्रित हो गई है। प्रवक्ता ने कहा कि यूपी पुलिस द्वारा तिवारी की हत्या ने राज्य में ख़राब मौजूदा स्थिति के बारे में पर्याप्त संकेत दिया है।

एलजीपी शोकग्रस्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए  संकट की  इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार को सभी संभव सहायता का आश्वासन दिया है। एलजीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत के पूर्व सचिव विजय शंकर पांडे ने एक बयान में विवेक तिवारी की क्रूर हत्या की निंदा की है।

प्रवक्ता ने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि पुलिस ने एक निर्दोष व्यक्ति को गोली मार दी है। फरवरी में नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के नाम पर एक आदमी को मारा था।

प्रवक्ता ने कहा कि अपराधियों को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुमति  प्राप्त करने वाली  पुलिस ने वास्तव में अधिकांशतः छोटे मोVs अथवा निर्दोष व्यक्तियों को ही खत्म किया  है और कई मौकों पर मुठभेड़ों के नाम पर व्यक्तिगत स्कोर सुलझाने में भी इस अधिकार का दुरूपयोग किया जाना पाया गया है।

प्रवक्ता ने कहा कि एलजीपी कठोर अपराधियों को खत्म करने का विरोध नहीं कर रहा है, जो पुलिस पर हमला करते  हैं और जो समाज में खतरे बन  गए हैं, लेकिन जिस तरह यूपी पुलिस अब व्यवहार कर रही है, वह परेशान करने वाला और संदिग्ध कार्य है। मुठभेड़ के नाम पर  किसी भी  निर्दोष व्यक्ति को मारने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है।

प्रवक्ता ने कहा कि इस मौजूदा स्थिति के सम्बन्ध मैं  सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2018 में यूपी सरकार को 1500 मुठभेड़ मामलों के संबंध में नोटिस जारी किया था जिसमें कम से कम 58 लोग मारे गए थे। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी नीति अपराध को नियंत्रित करने में मदद नहीं करेगी बल्कि अराजकता का कारण बन जाएगी।

प्रवक्ता ने कहा कि लोगों के उद्धारकर्ता बनने के बजाए यूपी पुलिस सबसे शोषणकारी बल बन गई है और अपराध नियंत्रण में बीजेपी के “बुलेट के लिए बुलेट” के नारे के चलते स्थिति और खराब हो गई है और लोगों के बीच भय व्याप्त  हो गया है।

प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी एसपी सरकार के कार्य काल में   खराब शासन और बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार और  सबसे खराब अपराध की स्थिति के मुद्दों पर सत्ता में आई है, लेकिन यह पिछले एक साल के दौरान इस संबंध में कोई बदलाव करने में असफल रहh है। प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को अपराध नियंत्रण के सम्बन्ध में अपनी रणनीति की पुनः समीक्षा करनी होगी।