नई दिल्ली 25 मई ( पी टी आई )वज़ीर-ए-ख़ारजा सलमान ख़ुरशीद आज मुख़्तलिफ़ मसाइल पर सऊदी अरब के साथ बातचीत के लिए सरकारी दौरे पर रवाना हो गए । उन मसाइल में मुतनाज़ा नताक़ৃ पोलिसी भी शामिल है ।
इसके अलावा बर्क़ी तवानाई ,सयानत और इन्सिदाद-ए-दहशतगर्दी में तआवुन पर भी तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा । सलमान ख़ुरशीद का दौरा 24 ता 27 मई गुज़िशता पाँच साल में किसी हिन्दुस्तानी वज़ीर-ए-ख़ारजा का अव्वलीन दौरा सऊदी अरब होगा ।
2008 में उस वक़्त के वज़ीर-ए-ख़ारजा प्रणब मुखर्जी ने सऊदी अरब का दौरा किया था । सलमान ख़ुरशीद वज़ीर-ए-ख़ारजा सऊदी अरब शहज़ादा सऊद अल-फ़ैसल से बाहमी ,इलाक़ाई और बैन-उल-अक़वामी मसाइल पर तबादला-ए-ख़्याल करेंगे और सऊदी अरब की क़ियादत से भी मुलाक़ात करेंगे ।
ये दौरा एक ऐसे वक़्त हो रहा है जबकि कई हिन्दुस्तानी सऊदी अरब के नताक़ৃ प्रोग्राम की वजह से सऊदी अरब से वतन वापिस हो रहे हैं । इस प्रोग्राम का मक़सद ग़ैर मुल्की कारकुनों को बाक़ायदा बनाना है ।
नताक़ৃ क़ानून को मुक़ामी कंपनीयों के लिए लाज़िम क़रार दिया गया है उन्हें हर 10 तारकीन-ए-वतन कारकुनों के साथ एक सऊदी शहरी की ख़िदमात भी हासिल करनी होंगी । वसीअ पैमाने पर ये तास्सुर पाया जाता है कि नई पोलिसी के नतीजे में हिन्दुस्तानी कारकुनों की कसीर तादाद मुलाज़मत के मवाक़े से महरूम हो जाएगी ।
हुकूमत सऊदी अरब नताक़ৃ क़ानून मुल्क में बेरोज़गारी कम करने केलिए नाफ़िज़ कर रही है । फ़िलहाल सऊदी अरब में 20 लाख से ज़्यादा हिन्दुस्तानी बरसर-ए-कार हैं । नताक़ৃ क़ानून के नताइज पर तवज्जु करते हुए सलमान ख़ुरशीद दीगर बाहमी मसाइल बिशमोल तवानाई की सयानत पर भी तबादला-ए-ख़्याल करेंगे ।
सऊदी अरब हिन्दुस्तान को तेल फ़राहम करने वाला सबसे बड़ा मुल्क है । सरकारी आदाद-ओ-शुमार के बमूजब हिन्दुस्तान अपनी ज़रूरत का तक़रीबन 17 फ़ीसद तेल सऊदी अरब से दरआमद करता है ।
इन्सिदाद-ए-दहशतगर्दी में तआवुन पर भी सलमान ख़ुरशीद के दौरे के मौक़े पर तबादला-ए-ख़्याल किया जाएगा । गुज़िशता साल हुकूमत सऊदी अरब ने हिन्दुस्तान की दो कलीदी मुश्तबा दहश्तगरदों की गिरफ़्तारी में मदद की थी जिन में जैनुद्दीन अंसारी उर्फ़ अब्बू जंदाल भी शामिल था जो 26 नवंबर के मुंबई दहश्तगर्द हमले के सिलसिले में हिन्दुस्तान को मतलूब था ।