वजीर मंजू वर्मा का मुत्नाज़ा बयान : अच्छी नींद के लिए पीते हैं लोग शराब

पटना : समाज बोह्बुद वजीर मंजू वर्मा ने कहा कि दिमागी काम करने वाले लोग, खासकर सियासतदां, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील वागिरह नशा के लिए अंग्रेजी शराब नहीं पीते हैं। ऐसे लोग काम पूरा करने के बाद इसलिए पीते हैं, ताकि अपने दिमाग को रीलैक्स कर सकें। यह हालात पूरी तरह शराबबंदी के लिए रुकावट है। हमारी सरकार इसका भी ख्याल रखते हुए इसे दूर करने में लगी है।

वजीर की इस बात पर बयानबाजी हुई। भाजपा लीडर संजय मयूख ने इसकी तनक़ीद की, तो जदयू के रियासती तर्जुमान संजय सिंह ने इसे वजीर की जाती राय बताया। बोले-जब वज़ीरे आला फेज़ बाय फेज़ तरीके से पूरी शराबबंदी की बात कह चुके हैं, तो ऐसे बयान मुनासिब नहीं हैं। वजीर के मुताबिक उन्होंने बिल्कुल आम बात कही है। उनका वैसा मतलब नहीं था, जैसा परचार हुआ है। बेशक, शराब जिस भी तरह की हो, उसका इस्तेमाल सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह है। याद रहे कि खुद वज़ीरे आला भी ऐसा कहते रहे हैं कि शराबबंदी के दौरान सरकार वैसे लोगों का भी ख्याल रखेगी, जिनके लिए शराब दवा है। यानी, वैसे लोग जो शराब के बिना जिंदा नहीं रह सकते। ऐसे लोगों के बारे में भी सोचा जा रहा है। वरना हम पर यही इल्ज़ाम लगेगा कि हमने उनको मार दिया।