शरीयत के मुताबिक़ तिजारत पेशा करने की तलक़ीन

करनूल, 25 मार्च: रसूलुल्लाह सल्ल‌ल्लाहु अलैहि वस्लम ने ख़ुद तिजारत पेशा की है और तिजारत पेशा में बरकत बताई है। तिजारत पेशा हो या कीसी भी मामले में आप ؐ सादिक़ और अमीन कहलाए، लिहाज़ा उम्मते मुस्लिमा को चाहिए कि तिजारत पेशा शरीयत के मुताबिक़ करें। इन ख़्यालात का इज़हार नाज़िम सिराजुल उलूम महबूब नगर मौलाना अमीरुल्लाह‌ ख़ां क़ासमी ने इक़बाल हुसैन आर्केड करनूल मे तज़ईन ओमैन्स ओरलडिक्की इफ़्तिताही तक़रीब से ख़िताब करते हुए किया।

उन्होंने कहा कि मोमिन ना धोका देता है, और ना धोका खाता है،धोका ना देना अख़लाक़ फाज़िला की अलामत है और धोका ना खाना दानिशमंदी की अलामत है،और जो शख़्स तिजारत पेशा को सिर्फ़ हुसूल माल का ज़रिया बनाए गा वोह हमेशा परेशान रहेगा،बमुक़ाबला इस शख़्स के जो तिजारत पेशा को हुसूल दीन ओर दुनिया का मक़सद बनाए، उन्होंने कहा कि तिजारत पेशा को तीन हिस्सों में तक़सीम करनी चाहिए।

पहला हिस्सा ख़ुद के लिए، दूसरा हिस्सा ग़ुरबा के लिए और तीसरा हिस्सा फ़ी सबीलिल्लाह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अल्लाह के दिए हुए माल मे मुकम्मल तरीक़े से ज़कात‌ अदा करते हैं इन के माल में हमेशा बढ़ोतरी ही होती है،और अल्लाह तबारक व तआला ऐसे अफ़राद की ग़ायबाना मदद भी फ़रमाते हैं।

हर मसला सिर्फ़ माल ही पर नहीं बल्कि माल के साथ अल्लाह का फ़ज़ल और ग़ुरबा की दुआएं शामिल होनी चाहिए। इस मौक़े पर मुहम्मद समी परोप्राईटर،मजलिस तहफ़्फ़ुज़ ख़त्म‌ नबुव्वत हैदराबाद से मौलाना अनसारुलल्लाह‌، कनवीनर आन्ध्रा प्रदेश दीनी मदारिस बोर्ड हैदराबाद मौलाना मक़सूद यमानी، मौलानाफ़ख़्रुद्दीन नदवी، मौलाना सय्यद सुलेमान नदवी، साबिक़ सदर वक़्फ़ बोर्ड आन्ध्रा प्रदेश ओ मौजूदा रुकन इलयास सेठ،अब्दुल हफ़ीज़ ख़ां वाई इ एस आर कांग्रेस कनवीनर،जय अबदुर्रहमान ख़ां सदर रॉयलसीमा हज सोसाईटी،हाफ़िज़ बशीर अहमद मालिक रंगारेड्डी बीड़ी،जी बशीर अहमद ख़ां मालिक नमस्ते बीड़ी،मौलाना अब्दुल क़दीर शुएबी ने निज़ामत फ़राइज़ अंजाम दिए। मौलाना अमीरुल्लाह ख़ां की दुआ पर तक़रीब इख़तेताम को पहुंची।