“हम सब कहते रहे कि हमने क़त्ल नहीं किया है साहब हमें मत मारो लेकिन उनका डंडा नहीं रुका पुलिस ने मेरे बेटे को मेरा पेशाब पिलाया और जब इस से भी उनका मन नहीं भरा तो उसे मेरे साथ सेक्स करने को मजबूर किया। हमें समझ नहीं आ रहा था कि किसके पैर पकड़ अपनी जान छुडाएं लेकिन वो कहते रहे- क़ुबूल करो कि तुमने क़त्ल किया है“
यह ब्यान है उस अभागे परिवार का जिस पर मध्यप्रदेश पुलिस का गुस्सा कहर बन बरपा लेकिन परिवार के इलावा शायद उस लॉकअप में कोई भी इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं था कि इस परिवार ने अपनी घर की बहु का क़त्ल नहीं किया है। बात सिर्फ माटपीट तक सीमित रहती तो भी मामला इतना संगीन न लगता लेकिन के बेटे को अपने माँ- बाप के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए मजबूर करना कुछ ऐसा था जैसे पुलिस ने एक परिवार को बेआबरू करने की ठान रखी हो।
घटना है मध्यप्रदेश के सिहोरे जिले की जहाँ पुलिस ने एक परिवार के लोगों को उनके घर की बहु के गायब होने के बाद पूछताश के लिए बुलाया गया और उनके साथ इस तरह की दरिंदगी की गई। इतना ही नहीं पुलिस ने जिस महिला के क़त्ल का इलज़ाम लगा इस परिवार से इतनी मारपीट की वो महिला बाद में किसी दुसरे इलाके से ढूंढ निकली गई। जब पीड़ित परिवार ने खुद पर हुए जुर्म की दास्ताँ बता थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें थाने से ही भगा दिया। जिसके बाद पीड़ित परिवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पीड़ित महिला के वकील वीरेंदर परमार का कहना है कि उन्होंने आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाई को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान, पुलिस डीजीपी और होम मिनिस्टर के आगे भी गुहार लगाई है लेकिन किसी की तरफ से अभी तक कोई कार्यवाई नहीं की गई है।