शहर में तक़रीबन चार हज़ार होटलों, रेस्तोरां में तैय्यार होने वाली ग़िज़ाई अशीया के मेयार पर नज़र रखने के लिए सिर्फ पाँच फ़ूड इन्सपेक्टरस हैं। दोनों शहर के हर नुक्कड़ पर क़ायम फ़ूड सेंटरस और जूस सेंटरस की तादाद रोज़ बह रोज़ बढ़ती जा रही है। गर्मा का मौसम शुरू होचुका है। ऐसे में सुमीत ग़िज़ा और आलूदा पानी के वाक़ियात ज़्यादा हुआ करते हैं।
होटलों-ओ-रेस्तोरां और लबे सड़क क़ायम फ़ूड सैंटरस पर सफ़ाई सुथराई ना होने और साफ़-ओ-शफ़्फ़ाफ़ पानी ना मिलने पर ख़तरात बढ़ जाते हैं। नए फ़ूड सेफ़्टी क़ानून के तहत फ़ूड इन्सपेक्टरस को फ़ूड सेफ़्टी ऑफिसर्स का नाम दिया गया है, लेकिन हुकूमत ने फ़ूड सेफ़्टी ऑफिसर्स की जायदादों पर तक़र्रुरात करने और उन की तादाद में इज़ाफ़ा पर कोई तवज्जा नहीं की है।
अफ़राद अमला की कमी की वजह से ग्रेटर हैदराबाद म्यूनसिंपल कारपोरेशन का शोबा सेहत-ओ-सफ़ाई जो होटलों रेस्तोरां वग़ैरा के मुआइना का ज़िम्मेदार है, हर मुक़ाम पर धावे करने और मुआइना करने से क़ासिर है।