डिप्टी चीफ मिनिस्टर मुहम्मद महमूद अली ने अक़्लीयती बहबूद के ओहदेदारों को हिदायत दी कि शादी मुबारक स्कीम पर शफ़्फ़ाफ़ियत के साथ अमल आवरी के इक़दामात करें क्यूंकि हैदराबाद और अज़ला से स्कीम में दरमियानी अफ़राद के रोल के बारे में कई शिकायात मौसूल हो रही हैं।
मुहम्मद महमूद अली ने सेक्रेट्री अक़्लीयती बहबूद सैयद उमर जलील, डायरेक्टर उर्दू अकेडमी प्रोफेसर इस ए शकूर और मैनेजिंग डायरेक्टर अक़्लीयती फाइनेंस कारपोरेशन बी शफ़ी उल्लाह के साथ जायज़ा इजलास मुनाक़िद किया जिस में मुख़्तलिफ़ स्कीमात पर अमल आवरी और बजट के इस्तेमाल की तफ़सीलात हासिल की।
उन्होंने कहा कि हुकूमत ने गरीब मुस्लिम ख़ानदानों की लड़कियों की शादी के अख़राजात कम करने के लिए 51 हज़ार रुपये इमदाद की मुनफ़रद स्कीम शुरू की है। तेलंगाना में इस स्कीम के आग़ाज़ के बाद आंध्र प्रदेश और दीगर कई रियासतों में इस स्कीम को अख़तियार किया है।
हुकूमत चाहती है कि हक़ीक़ी मुस्तहिक़ ख़ानदानों को 51 हज़ार रुपये की इमदाद हासिल हो लेकिन कई शिकायात मौसूल हो रही हैं कि स्कीम में दरमियानी अफ़राद का अहम रोल है।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने 11 नवंबर को मुनाक़िद होने वाले यौमे अक़्लीयती बहबूद के इंतेज़ामात का जायज़ा लिया। इन तक़ारीब में चीफ मिनिस्टर के चन्द्र शेखर राव को मदऊ किया जा रहा है।