शामी फ़ोर्सेज़ के हाथों 100 शहरीयों का कत्ल

शामी सलामती फ़ोर्स , हुकूमत नवाज़ मलेशियाओं और कारकुनों ने मुल्क के वसती सूबे हमा में कम से कम 100 लोगों को मार डाला जिन में बच्चे भी शामिल हैं।ये वाक़िया कल एक गांव में पेश आया। कारकुनों के मुताबिक़ कुछ लोगों को जहां ख़ंजर मार कर हलाक किया गया, वहीं कम से कम 12 लाशें जला दी गईं।

बर्तानिया से सरगर्म इंसानी हुक़ूक़ की पामालियों पर नज़र रखने वाले शामी इदारे सीरिया ऑब्ज़र्वेटरी के मुताबिक़ इस के कारकुनों ने इस ज़ुलम के शिकार 24 लोगों का पता चलाया है, जिन में चार बच्चे थे। सदर बशार अल असद के ख़िलाफ़ पंद्रह माह से जारी बग़ावत हालिया महीनों में तेज़ी से खूँरेज़ होगई है जिस की वजह से मुल्क में ख़ाना जंगी का ख़तरा पैदा होगया है। शाम मे क्या कुछ हो रहा है इस की तसदीक़ (पुष्टि) मुश्किल है क्योंकि वहां बैन-उल-अक़वामी (अंतर्राष्ट्रीय) मीडीया को आम रसाई(पहुँच) हासिल नहीं।

कत्ल -ए-आम के इस ताज़ा वाक़िया से कोई दो हफ़्ता पहले शामी शहर होला में सलामती फ़ोर्स और असद नवाज़ मलेशियाओं ने 108 लोगों को मार डाला था। इन में निस्फ़(आधा) तादाद बच्चों की थी ।कत्ल -ए-आम के ये दोनों ही वाक़ियात शाम में अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के मुशाहिदीन की मौजूदगी में पेश आए हैं।

हुकूमत ने कल के वाक़िया के ताल्लुक़ से कहा है कि सरकारी फ़ौज इस इलाक़े से जंगजूओं को बेदख़ल कर रही है। सरकारी टी वी पर हुकूमत ने कहा है कि अलक़बीर मिज़्रात के लोगों ने हुकूमत से मदद मांगी थी। जवाब में ख़ुसूसी सरकारी फ़ोर्स दहश्तगरदों के ठिकानों पर धावा बोल रही है। सरकारी तौर पर कहा गया है कि इन कार्यवाईयों में कई दहश्तगर्द मारे गए हैं और हथियारों की ज़बती अमल में आई है।

बाअज़ हुकूमत मुख़ालिफ़ कारकुनों का कहना है कि बग़ावत करने वाली आज़ाद शामी फ़ौज के कुछ बाग़ी इलाक़े में सरगर्म हैं और शामी फ़ौज लोगों को इजतिमाई सज़ा दे रही है।ये गांव बस चंद सौ लोगों की आबादी पर मुश्तमिल है। फ़ौज ने कई दिनों से इलाक़े का मुहासिरा कर रखा था और मुक़ामी कारकुनों के मुताबिक़ गांव पर गोला बारी कल शाम शुरू की गई थी।

इन हमलों में लोगों के घरों को राकेटों से निशाना बनाया जा रहा है । बाअज़ घरों को आग भी लगाई गई। इस के बाद मलेशियाओं ने वहां पहुंच कर लोगों को गोलीयों से भूनना शुरू कर दिया।