इटानगर 21 फरवरी : मर्कज़ी वज़ीर देही तरक्कियात जय राम रमेश ने आज मर्कज़ की तरफ़ से पालिसीयों की तैयारी के मौक़ा पर शुमाल मशरिक़ी रियासतों पर ख़ुसूसी तवज्जो देने की पर ज़ोर वकालत की और कहा कि इस इलाक़ा को दरपेश मुख़्तलिफ़ चैलेंजों को अलग रखते हुए एसा किया जाना चाहीए ।
मिस्टर जय राम रमेश ने आज सुबह इंदिरा गांधी पार्क पर 27 वीं रियासती यौम तासीस के मौक़ा पर मुनाक़िदा तक़रीब से ख़िताब करते हुए मज़ीद कहा कि जुग़राफ़ियाई(भूगोलिक) हालात को मद्द-ए-नज़र रखते हुए हम शुमाल मशरिक़ी इलाक़ा को अपने मुल्क की दीगर रियासतों की तरह आम सुलूक नहीं करसकते और हमें इस इलाक़ा के मुख़्तलिफ़ अनासिर को मल्हूज़ रखते हुए ख़ुसूसी तवज्जा देने और मुख़्तलिफ़ अंदाज़-ए-फ़िक्र इख़तियार करने की ज़रूरत है।
रमेश जो दो रोज़ा दौरा पर गुजिश्ता रोज़ यहां पहुंचे थे, कहा कि अरूणाचल प्रदेश की तरक़्क़ी को मर्कज़ी हुकूमत ने अव्वलीन तरजीह दी है और गुजिश्ता पाँच साल के दौरान कई मर्कज़ी फ्लैगशिप प्रोग्रामों पर अमल आवरी की गई है जिस में 2008 -ए-के दौरान
मालना वज़ीर-ए-आज़म का तरक़्क़ियाती पैकेज भी शामिल है।
उन्होंने रियासत में देही तरक़्क़ी केलिए मुम्किना मदद का यकीन देते हुए कहा कि अरूणाचल प्रदेश हमारे दिल से बहुत करीब है और इस रियासत की तरक़्क़ी केलिए हमारे पास तरक़्क़ियाती फंड्स में कोई कमी नहीं है। मुख़्तलिफ़ तरक़्क़ियाती पराजकटों में पेशरफ़्त पर उन्होंने इत्मीनान का इज़हार किया और कहा कि तरक़्क़ी की राह में हाइल तमाम चैलेंजों से निमटा जाएगा