संजय दत्त की जादू की झप्पी यूपी में इल्ज़ामात से दसतबरदारी

लखनऊ, ०३ नवंबर (एजेंसीज़) हुकूमत उत्तर प्रदेश ने बाली वुड स्टार संजय दत्त पर समाजवादी पार्टी के दौर-ए-हकूमत के दौरान आइद किए गए मुतअद्दिद इल्ज़ामात से दसतबरदारी इख़तियार कर ली । याद रहे कि संजय दत्त ने मुबय्यना तौर पर साबिक़ वज़ीर-ए-आला मायावती के ख़िलाफ़ नाज़बया कलिमात का इस्तेमाल किया था ।

दरीं असना एक ओहदेदार ने बताया कि क़ानून की सिफ़ारिश पर महकमा दाख़िला ने ये फ़ैसला किया है । साबिक़ मायावती हुकूमत ने संजय दत्त पर तीन इल्ज़ामात बाराबंकी मऊ और प्रतापगढ़ में आइद किए थे और ये तमाम मुआमलात 2009 में संजय दत्त की जानिब से नाज़ेबा कलिमात के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ आइद किए गए थे ।

01 अगस्त 2009 को प्रतापगढ़ में एक जल्सा-ए-आम से ख़िताब के दौरान संजय दत्त ने कहा था कि वो मायावती को जादू की झप्पी देना चाहते हैं । जादू की झप्पी दरअसल उन की फ़िल्म मुन्नाभाई एमबी बी एस के मंज़र का एक हिस्सा है जहां किसी से अगर कोई समझौता करना हो तो उसे गले लगा लिया जाए और यही मुकालमा उन्होंने मऊ और बारांकी में मुनाक़िद किए गए इजलास में भी दोहराए थें ।

लिहाज़ा इन तीनों मुक़ामात पर संजय दत्त के ख़िलाफ़ इल्ज़ामात आइद किए गए थे । यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि संजय दत्त उस वक़्त समाजवादी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी थे लेकिन संजय दत्त ने पार्टी को उस वक़्त छोड़ दिया था जब पार्टी के सीनीयर क़ाइद अमर सिंह ने पार्टी छोड़ दी थी।

संजय दत्त ने इसके बाद सियासत से तौबा कर ली थी और कहा था सियासत उन के बस का रोग नहीं । सयासी मैदान में फ़िल्मी दुनिया से भी ज़्यादा अदाकारी करनी पड़ती है । वो अदाकारी कर के अपना पेट ज़रूर पालते हैं लेकिन सयासी अदाकारी अवाम को धोका देने के मुतरादिफ़ ( बराबर) है लिहाज़ा सियासत को दूर से सलाम ।