सउंदी अरब के वज़ारत ए खारेज़ा के मुताबिक मोहम्मद बिन खामिस अल एंजी को ब्राहिम बिन मरपुं अलशएंजी के कत्ल का मुजरिम पाया गया जिसके बाद उसे सिरकलम की सजा सुनाई गई थी। शुमाली मशरिकी शहर हर्फ अल बातिन में मोहम्मद एंजी का सिर कलम किया गया है।
इस साल अब तक यहां 12 लोगो का सिर कलम किया गया है। गुजश्ता साल यहां 78 लोगों का सिर कलम किया गया था। साल 2011 के बाद मौत की सजा के मामलों की इज़ाफा होने पर इंसानी हुकूक के तंज़ीम और अकवाम मुत्तहदा ने सऊदी अरब की सख्त तन्कीद की थी।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2010 में फांसी की सजा पाने वाले लोगों की तादाद 27 थी जिनमें से पांच गैर मुल्क के थे। साल 2011 में यह तादाद 28 गैर मुल्की शहरियों समेत बढ़कर 82 पहुंच गई। साल 2012 में फांसी की सजा पाने वालों की तादाद घटकर 79 हो गई थी जिसमें 27 गैर मुल्की शहरी भी शामिल थे।
सऊदी में शरीयत कानून के तहत बलात्कार डकैती और नशीले माद्दा की तस्करी जैसे मामलों में मौत की सख्त सजा दी जाती है।