मुल्क में कॉरपोरेट धोका दही के एक इंतिहाई सनसनीखेज़ वाक़िये के कलीदी मुल्ज़िम और सत्यम कंप्यूटर्स के बानी बी रामालिंगा राजू और दुसरे मुल्ज़िमीन को एक मुक़ामी अदालत ने धोका दही के संगीन वाक़ियात की तहक़ीक़ात करने वाले दफ़्तर ( एस एफ़ आई ओ) की तरफ़ से की गई शिकायात पर मुक़द्दमा की समाअत के बाद मुजरिम क़रार दिया है।
अदालत ने राजू और दुसरे तमाम मुल्ज़िमीन को 6 माह की सज़ाए क़ैद दी है। तमाम के ख़िलाफ़ जुर्माने आइद किए गए हैं। एस एफ़ आई ओ ने जो मर्कज़ी वज़ारत-ए-कार्पोरेट उमोर का तहक़ीक़ाती शोबा भी है साबिक़ सत्यम कंप्यूटर्स सर्विसेस लिमिटेड (एससी एस एल और इस के डायरेक्टरस के ख़िलाफ़ कंपनी क़वानीन की ख़िलाफ़वरज़ी पर दिसंबर 2009 के दौरान इक़तिसादी जराइम की ख़ुसूसी अदालत में 7 शिकायात दायर किया था।
राजू और इस कंपनी के चंद डायरेक्टरज़ को 6 माह की सज़ाए क़ैद दी गई है और फी कस 10 हज़ार रुपये ता 10 लाख रुपये जुर्माने आइद किए गए हैं।
माबक़ी चंद दूसरे मुजरिमीन के ख़िलाफ़ सिर्फ़ जुर्माने आइद किए गए हैं। अदालत ने एक साबिक़ डायरेक्टर कृष्णा जी पाले के ख़िलाफ़ 2.66 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना आइद किया है और अंदरून दो माह जुर्माना अदा करने की हिदायत की।