सन राइज़र्स हैदराबाद को आज दिल्ली के ख़िलाफ़

सन राइज़र्स हैदराबाद जिसने गुजिश्ता रात राजिस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ कम स्कोर के मुक़ाबले में एक काबिल-ए-सिताइश कामयाबी हासिल की है और आज‌ यहां फ़िरोज़ शाह कोटला ग्राउंड पर खेले जाने वाले मुक़ाबले में उसे दिल्ली डियर डेविल्स के ख़िलाफ़ कामयाबी हासिल करने का एक और मौक़ा दस्तयाब रहेगा क्योंकि मेज़बान दिल्ली की टीम मुसलसल नाकामियों की वजह से ना सिर्फ़ परेशान हैं बल्कि टीमों के जदूल में वो आख़िरी मुक़ाम पर भी पहुंच चुकी है जिस के बाद टूर्नामेंट के अगले मरहला में उसकी रसाई इंतिहाई मुश्किल तरीन होचुकी है।

8 मुक़ाबलों में दिल्ली डियर डेविल्स ने सिर्फ़ दो जीत‌ हासिल किए हैं और उसे अब मुश्किल तरीन हालात का सामना है जहां कोई करिश्मा ही उसे अगले मरहला में पहुंचा सकता है। हिंदुस्तानी वापसी के बाद आई पी एल दिल्ली के लिए एक डरावना ख़ाब बन चुका है क्योंकि इसे मुल्क में पहली कामयाबी हासिल करनी है। दिल्ली को टूर्नामेंट में दो जीत‌ मुत्तहदा अरब इमारात में ही हासिल हुई हैं।

हिंदुस्तान में खेले गए तीन मुक़ाबलों में उसे पहले राजिस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ 7 विकटों की, चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ 8 विकटों और फिर कोलकता नाईट रायडर्स के ख़िलाफ़ भी हार‌ बर्दाश्त करनी पड़ी है। नफ़सियाती तौर पर दिल्ली डियर डेविल्स के खिलाड़ियों का एतिमाद काफ़ी पस्ती में पहुंच चुका है।

दिल्ली डियर डेविल्स के लिए सब से ज़्यादा नुक़्सान इसके बैटिंग शोबा के मुज़ाहिरों में कमी का है जबकि बौलरों में मुहम्मद समी, वैनी पार्नेल, सिद्धार्थ कोल और शहबाज़ नदीम ने कोई ख़ातिरख़वाह मुज़ाहरा नहीं किया है। इंग्लिश टीम के साबिक़ कप्तान कियून पीटर्सन की बहैसियत कप्तान टीम में वापसी भी हालात बदल नहीं पाई क्योंकि वो ख़ुद 5 इनिंगस‌ में सिर्फ़ 62 रन‌ स्कोर कर पाए हैं।

टीम के कोच गैरी कर्स्टन ने यक़ीनन अपनी टीम से इस तरह के मुज़ाहिरों की क़तई उम्मीद नहीं की होगी। आज‌ खेले जाने वाले मुक़ाबला में दिल्ली डियर डेविल्स की कोशिश होगी कि वो सन राइज़र्स हैदराबाद के ख़िलाफ़ खेले गए गुजिश्ता मुक़ाबला में हुई हार‌ का हिसाब बराबर करे।

दूसरी जानिब सन राइज़र्स हैदराबाद जिसने गुजिश्ता रात कम स्कोर के मुक़ाबला का कामयाब दिफ़ा करते हुए राजिस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ 32 रन‌ की कामयाबी हासिल की और सर-ए-फ़हरिस्त चार टीमों में शामिल‌ के अपने इमकानात को भी बरक़रार रखा है नीज़ इस कामयाबी से खिलाड़ियों के हौसले काफ़ी बुलंद हैं।

सन राइज़र्स हैदराबाद ने 7 मुक़ाबलों में 3 जीत के ज़रिया टीमों के जदूल में पांचवां मुक़ाम हासिल करलिया है। दिल्ली की तरह हैदराबादी बैटिंग शोबा के मुज़ाहिरों में भी कमी है जैसा कि गुजिश्ता मुक़ाबला में राजिस्थान के ख़िलाफ़ हैदराबादी टीम 20 ओवर्स में 9 विकटों के नुक़्सान पर 134 रन‌ स्कोर कर पाई थी।

भुवनेश्वर कुमार ने 14 रन‌ के बदले 4 खिलाड़ियों को आउट करते हुए ना सिर्फ़ राजिस्थान को 102 रन‌ पर ढेर करने में कलीदी रोल अदा किया बल्कि टीम की कामयाबी के मुअम्मार भी साबित हुए। इस कामयाबी में भुवनेश्वर कुमार के सीनियर साथी बौलर डील स्टीन ने 33 रन‌ के बदले 2 जबकि किरण शर्मा, मौसीस हेनरिक्स और इर्फ़ान पठान ने फी कस एक खिलाड़ी को आउट किया।

इस कामयाबी के बावजूद टीम के कप्तान शिखर धवन पर ये ज़िम्मेदारी आइद होती हैकि वो बैटिंग शोबा में बेहतर कारकर्दगी के ज़रिया मिसाल क़ायम करें।