मुस्लिम रिजर्वेशन को लेकर मुनाकिद प्रोग्राम में इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के सदर मौलाना तौकीर रजा को मुखालिफत का सामना करना पड़ा। उन्हें अपनी तकरीर को बीच में ही छोड़कर स्टेज पर पीछे जाकर बैठना पड़ा।
मेरठ के नौचंदी मैदान वाकेय् पटेल मंडप में मुनाकिद प्रोग्राम में एमपी शफीक उर रहमान बर्क, मौ. अदीब, अजीज बर्नी और मौलाना नजीर ने मुस्लिमों को रिजर्वेशन देने की वकालत की।
मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि सपा के मुस्लिम नुमाइंदे अपनी कौम के हक की बात नहीं कर रहे हैं। ऐसे लीडरों को वोट के बदले जूते मिलने चाहिए। सपा चीफ 18 फीसद रिजर्वेशन देने की बात कही थी, लेकिन कुछ नहीं किया।
उन्होंने कहा कि दूसरे तब्को ने खूब जदो जहद किया, तब जाकर उन्हें रिजर्वेशन मिला। हुकूमत मुसलमानों को रिजर्वेशन नहीं देंगी, इसलिए बेहतर है कि रिजर्वेशन मांगने के बजाय रिजर्वेशन खत्म करने की बात की जाए। मौलाना की इसी बात पर कुछ नौजवान मुखालिफत और नारेबाजी पर उतर आए।
हालांकि बाद में मौलाना तौकीर ने इसे अपनी ज़ाती राय बताया। उन्होंने समाजवादी पार्टी को छोड़ने के मौजू में कहा कि एक तरफ मुजफ्फरनगर और शामली में मातम था, उधर सैफई फेस्टिवल में नाच गाना चल रहा था। सपा में चापलूसों का ही बोलबाला है।
राज्यसभा के टिकट के मौजू में उन्होंने कहा कि मुझे ओहदा नहीं चाहिए। सपा की तरफ से दिया गया वज़ीर का ओहदा भी मैंने एक माह बाद कुबूल किया था। आने वाले वक्त में बसपा या आम आदमी पार्टी को ताईद दी जाएगी। अगर बीजेपी नरेंद्र मोदी को पीएम कैंडिडेट का दावेदार न बनाए, तो बीजेपी से भी बात कर सकते हैं।