ईस्लामाबाद । सरबजीत सिंह की रिहाई के बारे में अपना मौक़िफ़ बदलने के एक दिन बाद पाकिस्तान ने आज नुक़्सान कि भरपाई करने की कोशिश करते हुए कहा कि हिंदूस्तानी क़ैदी को रिहा करने का कोई इक़दाम नहीं किया गया और तरदीद की कि हुकूमत पर इस मसले के सिलसिले में फ़ौज का कोई दबाव है।
वज़ारत-ए-दाख़िला(गृह मंत्रालय) के प्रमुख रहमान मलिक ने प्रैस कान्फ़्रैंस में इस सवाल पर कि क्या ओहदेदारों पर फ़ौज की तरफ से दबाव डाला गया है कि सरबजीत को रिहा ना किया जाए। उन्हों ने जवाब दिया कि मामले पर इस हुकूमत में अंदरुनी तौर पर ग़ौर भी नहीं किया गया। पाकिस्तानी हुकूमत ने सरबजीत को अभितक माफ़ नहीं किया। फ़ौज किसी भी मामले में शामिल नहीं है।
उन्हों ने कहा कि फ़ौज का किरदार बहुत अहम है और अहम बरक़रार रहेगा और फ़ौज ने कभी दखल नहीं दिया और ना सरबजीत को कभी आज़ाद किया गया। उन्हों ने कहा कि हुकूमत ने अभी 49 साला सरबजीत की जिसे मुजरिम क़रार दे कर सज़ा ए मौत सुनाई गई थी क्योंकि वो सिलसिला वार बम हमलों में लिपीत था, जिन में 1990 में पंजाब में 14 लोग हलाक होगए थे, रिहाई का फ़ैसला भी अभितक नहीं किया गया।
चंद घंटे पहले कल ख़बरें मिली थी कि पाकिस्तान सरबजीत सिंह को रिहा कर देगा। रहमान मलिक ने कहा कि ओहदेदार सरबजीत के मुक़द्दमे का जायज़ा ले रहे हैं और मुतमइन होने की सूरत में उसे जायज़ा के लिए क़ानून विभाग को रवाना किया जाएगा। सरबजीत सिंह के बारे में बार बार बदलते हुए पाकिस्तानी मौक़िफ़ पर हिंदूस्तान ने आज सरबजीत की आज़ादी के लिए ताज़ा अपील की।