फ़िल्म अभिनेता सलमान खान को काले हिरण मामले मे 5 साल की सज़ा भारतीय मीडिया की सुर्खियां बनी रही वहीं पाकिस्तानी अखबारों ने भी सलमान की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया. हालांकि पाकिस्तान के उर्दू अखबार ‘अवसाफ’ ने इसे सलमान के साथ नाइंसाफी और भेदभाव बताया है. अखबार की हेडलाइन इस तरह है, “सलमान खान को कत्ल की धमकी देने वाला गैंगस्टर जेल में पड़ोसी होगा.”
अखबार ने लिखा कि बदनाम गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई भी जोधपुर जेल में बंद है. इसी जेल में रेप का आरोपी आसाराम भी बंद और यहां शम्भू लाल रैगर भी कैद है जिसने एक मुसलमान की हत्या कर वीडियो बनाकर अपना जुर्म कुबुला था. वह भारत से मुसलमानों को खत्म करना चाहता है.
अखबार ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान को भी पहले पृष्ठ पर जगह दी है जिसमें उन्होंने पूरे मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि फ़िल्म अभिनेता सलमान खान को मुसलमान होने पर सजा दी गई है. अगर सलमान खान सत्ताधारी पार्टी के धर्म के होते तो शायद उन्हें यह सजा नहीं मिलती और उनके साथ नरमी की जाती.
हालांकि और अन्य पाकिस्तानी उर्दू अखबारों ने इसे सामान्य खबर के तौर पर प्रकाशित किया है.
पाकिस्तान के मशहूर अखबार ‘जंग’ ने लिखा, ‘फ़िल्म अभिनेता सलमान खान को 5 साल की कैद, अदालत से गिरफ्तार, जेल भेजे गए.’ इसके अलावा अखबार ने एक और हेडलाइन लिखी, “सलमान खान ने जेल की दाल नहीं खाई”. शुक्रवार को सलमान की बेल अपील पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने फैसला शनिवार तक के लिए टाल दिया है, इस पर ‘जंग’ ने लिखा, “सलमान खान एक और रात जेल में गुजारेंगे.”
इसके अलावा दैनिक “एक्सप्रेस” ने लिखा है “काले हिरन का शिकार: सलमान खान को 5 साल कैद, 10 हजार जुर्माने की सजा.”
दैनिक “खबरें” ने लिखा “काला हिरन मामला: सलमान खान को 5 साल की सज़ा, जेल भेजे गए.”
दैनिक “नवाए वक़्त” ने लिखा है “20 साल पुराना हिरन शिकार केस: सलमान खान को 5 साल की क़ैद की सज़ा, गिरफ्तार, बहनें रो पड़ीं.”