उर्दन ने आख़िर आज वो काम कर दिखाया जो कोई भी मुल्क इंतिक़ामी कार्रवाई के तौर पर कर सकता है। उर्दन के एक जांबाज लड़ाका पायलट की दौलते इस्लामीया के हाथों सफ़ाकाना (ज़िंदा जला देने) हलाकत के बाद दो जिहादीयों को जिन में एक ख़ातून भी है, को सज़ाए मौत दे दी गई।
इराक़ी ख़ातून साजिदा अल रशावी जो ख़ुदकुश बम हमला आवर थी और अलक़ायदा रुक्न ज़िया अल क़रबोली को मुक़ामी वक़्त के मुताबिक़ सुबह 4 बजे फांसी पर लटका दिया गया।
फांसी यहां से जुनूब के इलाक़ा में वाक़े सिवा का जेल में दी गई और उस वक़्त तख़्ते वार के क़रीब सिर्फ़ एक इस्लामी क़्वानीन का माहिर ऑफीसर मौजूद था। उर्दनी पायलट मआज़ अलक़िस्सा सबिया की हलाकत के बाद उर्दन ने अब ये फ़ैसला कर लिया है कि ऐसे तमाम क़ैदीयों को जिन्हें सज़ाए मौत सुनाई गई है, यके बाद दीगरे फांसी पर लटका दिया जाएगा।
उर्दनी पायलट को दौलते इस्लामीया के दहश्तगर्दों ने उस वक़्त गिरफ़्तार करके महरूस कर दिया था जब उस का तैयारा गुज़िश्ता साल दिसंबर में शाम में लैंड किया था। 44 साला रशावी को 2005 में ओमान में दहश्त गर्दाना और हलाकत अंगेज़ हमले करने की पादाश में सज़ाए मौत सुनाई गई थी।