एक इंडियन सायनस्टिस उन आला इंटेरनेशनल सायनस्टिस के ग्रुप में शामिल है, जिन्होंने मलेरिया के इलाज़ की सिम्त में अहम किरदार निभाने वाले एक प्रोटीन का पता लगाया है। झारखंड के लोहरदगा के डॉक्टर मोहम्मद आलम मैगजीन “नेचर कोमुनिकेशन” में मंगल को शाया एक नए रिसर्च के रायटर में शामिल हैं। डॉक्टर आलम बचपन में खुद मलेरिया की चपेट में थे। यूनिवर्सिटी ऑफ लिसेस्टर की डॉक्टरी रिसर्च काउंसिल की टोक्सिकोलोजी यूनिट और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड टुपिकल मेडिसिन में डॉक्टर आलम व दीगर सायन्सिट्स ने एक अहम प्रोटीन काइनेज की शिनाख्त की है। अगर उसे निशाना बनाया जाये, तो मलेरिया रोका जा सकता है।
डॉक्टर आलाम ने कहा, मलेरिया से मुतल्लिक़ खोज कर रहे सायन्सिट्स के दरमियान हमारे रिसर्च के रिजल्ट को लेकर काफी खुशी है क्योंकि यह हमे सिर्फ उस केमिकल रास्ते के बारे में ही नहीं बताता जो हमारे जिश्म में रहने वाले परजीवी के ज़िंदा रहने के लिए जरूरी हैं बल्कि यह हमें ऐसी दवाईंयां तैयार करने में भी मदद करता है, जो इस जरूरी रास्ते को रोक सकती है और इस तरह परजीवी को खत्म कर सकती है।
रांची से पढ़ाई करने वाले मोहम्मद आलम पांडुचेरी से ग्रेजुएट डिग्री हासिल करने वाले सायन्सिट्स ने कहा बचपन में मुझे कई बार मलेरिया हुआ था और मैं हमेशा मलेरिया परजीवी के बारे में रिसर्च करना चाहता था ताकि ताकतवर दवाईयां बनाई जा सके।