रांची 4 मई : माली साल 2012-13 में रियासत बिजली बोर्ड ने अपने सार्फीन (consumer) को 1370 करोड़ रुपये की क्रॉस सब्सिडी दी है। यह सब्सिडी बिजली के पैदावार या खरीदारी समेत सार्फीन तक पहुंचाने के अख्राजात और लागू की शरह के दरमियान का फर्क है। घरेलू सार्फीन को सब से ज्यादा 1251 करोड़ रु की सब्सिडी मिली है। वहीं पब्लिक लाइटिंग यानी सड़क और आवामी जगहों पर स्ट्रीट लाइट के लिए 84 करोड़ और आबपाशी इलाकों के लिए 35 करोड़ रुपये सब्सिडी बर्दास्त की गयी है। रियासती बिजली बोर्ड सबसे ज्यादा बिजली अपने घरेलू सार्फीन को ही देता है।
यह कुल फरोख्त की गयी बिजली का 45 फीसद है। इसके बाद कारखाना को 31 फीसद, रेलवे को आठ फीसद, आबपाशी के लिए एक फीसद, स्ट्रीट लाइटिंग के लिए तीन फीसद और कारोबार के लिए पांच फीसद बिजली दी जाती है। दूसरी तरफ फरोख्त की गयी बिजली के खेलाफ़ सबसे ज्यादा आमदनी कारखाना से 43 फीसद, घरेलू सार्फीन से 27 फीसद और रेलवे से 13 फीसद मिलता है। स्ट्रीट लाइटिंग के लिए दी गयी तीन फीसद बिजली के खिलाफ कुल वसूली का एक फीसद आमदनी ही मिलता है।
2012-13 की टैरिफ के मुताबिक़ लागू शरह का तखमीना दिया जा रहा है।
लो टेंशन : 6.83 रु /यूनिट
हाई टेंशन : 6.63 रु/यूनिट
रेलवे : 6.10 रु /यूनिट
व्यावसायिक : 5.95 रु /यूनिट
एचटीएसएस : 5.45 रु /यूनिट
घरेलू : 2.36 रु /यूनिट
पब्लिक लाइट : 1.51 रु /यूनिट
सिंचाई : 0.74 रु /यूनिट