सिवाए बी जे पी तमाम सियासी जमातों के क़ाइदीन मजलिस की ज़द में

जी एच एम सी के मुनाक़िदा इंतिख़ाबात के लिए कल रायदही के दौरान पुराना शहर के बाअज़ इलाक़ों में जंगल राज जैसी सूरते हाल देखी गई। जहां ये अफ़सोसनाक और हैरत अंगेज़ हक़ीक़त भी मंज़र आम पर आई कि मुसलमानों में इत्तिहाद और मुसलमानों के तहफ़्फ़ुज़ और सलामती की दोहाई देते हुए वोट मांगने वाली जमात के क़ाइद की क़ियादत में कई उम्मीदवारों पर हमले किए गए जो तमाम (उम्मीदवार) मुस्लिम ही थे।

हत्ता कि हुक्मराँ जमात के एक सरकर्दा क़ाइद और डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर मुहम्मद महमूद अली के फ़र्ज़ंद को नाम निहाद मुस्लिम जमात के गुंडों ने घर से बाहर निकाल कर बुरी तरह ज़दोकोब किया। हल्क़ा अकबर बाग़ के एम बी टी उम्मीदवार अमजद उल्लाह ख़ान ख़ालिद पर मलकपेट के रुक्न असेंबली ने हमला किया।

हल्क़ा आज़म पूरा में मुस्लिम जमात के एक कारकुन ने एक और उम्मीदवार शमीम बेगम से बदसुलूकी करके उनके शौहर असलम बिन अली (पट्टू भाई) को ज़िदोकोब किया।

मीर चौक में जमात के गुंडों ने क़ानूनसाज़ कौंसिल में अपोज़ीशन लीडर मुहम्मद अली शब्बीर पर हमला करते हुए उन्हें बुरी तरह ज़ख़्मी कर दिया। घांसी बाज़ार में कांग्रेस के उम्मीदवार मुहम्मद ग़ौस से बहस और तकरार की गई , उन्हें अपने असर और रसूख़ से पुलिस की तहवील में दे दिया।

दीगर कई हल्क़ों में भी इस किस्म के वाक़ियात पेश आए। बौखलाहट ज़दा मुस्लिम क़ियादत की ग़ुंडा गर्दी पर शहरयान हैदराबाद बिलख़सूस पुराना शहर के मुसलमानों में ब्रहमी पैदा हो गई है।

रायदही के मौक़ा पर पुराने शहर में बहैसीयत मजमूई ग़ुंडा गर्दी का नंगा नाच देखा गया। इंतिख़ाबी जम्हूरीयत और आज़ादाना और मुंसिफ़ाना रायदही के इलैक्शन कमीशन के दावे खोखले साबित हुए।

मुक़ामी जमात मजलिस ने पुलिस और नज़्मो नस्क़ की मिली भगत से ना सिर्फ बड़े पैमाने पर धांदलियों का इर्तिकाब किया बल्कि सियासी हरीफ़ों को हमले का निशाना बनाया गया।