सीरिया: “मुझे पानी दो”… मलबे के नीचे से एक नए उमरान की पुकार

हलब: सीरिया के शहर हलब में मलबे से निकाले जाने वाले बच्चे उमरान की दर्दनाक कहानी और उसकी “चुप” तस्वीर ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।

हालांकि उमरान के बाद भी नई कहानियों और वीडियो क्लिप का सिलसिला जारी है। इस संबंध में बशर अल असद की सेना द्वारा पीछे छोड़ गए मलबे के नीचे से एक और 11 साल के बच्चे “अहमद” ने नया जन्म लिया है। ब्रिटिश प्रसारण संस्था पर प्रसारित किए गए वीडियो में बचाव टीमों को एक बच्चा मिला जिसका शरीर मलबे के बीच हैंगिंग था और चेहरा खून से ढका हुआ था। बचाव दल की ओर से लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद अहमद को बाहर निकाल लिया गया।

कार्रवाई के दौरान अहमद दर्द के कारण रो रहा था, इस दौरान कभी कुरान पढ़ने और कभी बातें करने को कहा जाता रहा ताकि उसे जागता रखकर मलबे से निकाला जा सके। थकावट से चूर अहमद कई बार चिल्लाकर कहता “मैं प्यासा हूँ मैं प्यासा हूं मेरे लिए पानी लाओ।”

कई बार प्रयासों के बाद अंततः अहमद को जीवित निकाल लिया गया जबकि उसका पूरा परिवार दुनिया से विदा हो चुका है जिनमें पिता, मां, बहन और उसकी दादी शामिल हैं।

मानवाधिकार सीरियाई रसदगाह के अनुसार इस महीने अगस्त के दौरान हलब में 140 से ज्यादा बच्चे मारे गए हैं। इसके अलावा मानना है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान पूरे सीरिया में लगभग 50 हजार बच्चे मौत की नींद सुला दिए गये।