सुलतान शाही छोड़ देने मोहतरानी नागिन उर्फ़ भाबी का वाय‌दा

* सिफली अमल करने वाली जादूगरनि लोगों से माफ़ी मांगने पर मजबूर, जादू और टोणे ना करने का पुलिस और लोगों के सामने अह्द

हैदराबाद ।[वीशेष संवाददाता:अबू एमल‌] लोग‌ बुराईयों के ख़िलाफ़ उठ खड़े होजाए तो दुनिया की कोई भी ताक़त उसे नहीं रोक सकती और बुराईयों का ख़ातमा होकर ही रहता है। एसा ही कुछ पुराना शहर के तारीख़ी मुहल्ला सुलतान शाही में लोगों ने कर दिखाया है। सुलतान शाही के गैरतमंद लोग‌ काफ़ी समय‌ से इस कोशिश में लगे थे कि किसी ना किसी तरह इस इलाके को कृष्णा देवी उर्फ़ नागिन उर्फ़ भाबी मोहत‌रानी जैसी सिफली अमल करने वाली जादूगरनी और इस जैसे अनय‌ जादूगरों और आमिलों से पाक किया जाए। चुनांचे नागिन भाभी की कल गिरफ़्तारी के साथ ही इलाक़ा के समाजी कारकुनों और लोगों की बडी तादाद पुलिस स्टेशन मुग़लपुरा पहूंच गई और ज़बरदस्त एहतिजाज किया।

एहितजाजियों का मुतालिबा था कि लोग‌ सुलतान शाही को अपनी गंदी और नापाक सरगर्मीयों से बदनाम कर रही इस जादूगरनी को शहर से निकाल दिया जाए ताकि मुक़ामी लोगों के साथ साथ सारा शहर सुकून की सांस ले क्योंकि भाभी जैसे आमिल और जादूगर समाज‌ में एसी ख़तरनाक समाजी आलूदगी फैलाने का सबब‌ बने हुए हैं जिस के नतीजे में भोले भाले लोग खासकर‌ मजबूर औरतें जिन्सी, मआशी, समाजी हर किस्म के इस्तिहसाल का शिकार बन रही थीं।

एक तरह से दीन से दूर औरतें और मर्द कृष्णा देवी जैसी मक्कार और धोके बाज़ मोह‌तरानी के चंगुल में फंसे जा रहे थे। एहितजाजियों की बडी तादाद और उन की ब्रहमी को देखते हुए पुलिस मुग़लपुरा ने और‌ पुलिस स्टेशनों के कर्मचारीयों को भी मुग़लपुरा पुलिस स्टेशन बुला लिया ताकि मुफ़ादात हासिला को इस सूरत-ए-हाल के इस्तिमाल का मौक़ा ना मिल सके।

अज़ीम तर मजलिस बलदिया(नगरपालिका) में सरकारी शौचाल्य‌ साफ़ करने पर मामूर शैतानी शक्ल सूरत वाली कृष्णा देवी और पुलिस ओहदेदार एहितजाजियों की बढ़ती तादाद से काफ़ी परेशान होगए थे और एक मरहले पर तो एसा लग रहा था कि लोग‌ कृष्णा देवी उर्फ़ नागिन का वैसा ही हाल करेंगे जैसे बिहार, उत्तरप्रदेश और ख़ुद हमारी रियासत आंधरा प्रदेश के देहातों में जादू टोणा करनेवाली औरतों का किया जाता है, लेकिन सुलतान शाही के गैरतमंद‌ मुस‌लमानों के सब्र तहम्मूल और हिक्मत-ए-अमली ने पुलिस को मजबूर कर दिया कि वो सुलतान शाही में पल रही और मासूम लोगों का इस्तिहसाल करते हुए पर एश आराम कि ज़िंदगी गुज़ार रही, गंदगी, भाभी उर्फ़ नागिन को मुहल्ला छोड़ देने और सिफली अमल और जादूगरी छोड देने की तरग़ीब दे।

एक तरफ‌ समाजी कारकुनों सय्यद सलीम, जुनैद, मुहम्मद सुरूर, मुहम्मद ताज उद्दीन, तहसीन, अकरम, बाबा और दुसरें पुलिस पर नागिन के ख़िलाफ़ दबाव‌ बनाए रखे हुए थे तो दूसरी तरफ लोग लगातार‌ पुलिस स्टेशन मुग़लपुरा पहूंचते जा रहे थे। एसे में उच्च अधीकारीयों ने हालात को भाँपते हुए एहितजाजियों में से चंद लोगों और मीडीया के नुमाइंदों को बातचीत के लिए पुलिस स्टेशन में बुलाया, जहां कृष्णा देवी ने हाथ जोड़ कर कहा कि अब वो सुलतान शाही को छोड़ देगी कहीं और जाकर बस जाएगी। साथ ही इस ने फिर कभी भोले भाले लोगों को बेवक़ूफ़ ना बनाने और जादूगरी और सिफली अमलीयात ना करने का अह्द भी किया।

नागिन ने जिस के चेहरे पर शैतानियत झलक रही थी ये भी कहा कि जादू वग़ैरा सिर्फ और सिर्फ धोका है इस के सिवा कुच्छ भी नहीं। लगभग‌ 20 बरसों से सुलतान शाही में अपनी नापाक हरकतों से तबाही मचाने वाली कृष्णा देवी का ये हाल होगया था कि बार बार ये कहने पर मजबूर होगई थी कि वो दुबारा जादूगरी की सरगर्मीयां जारी नहीं रखेगी और सुलतान शाही छोड़ देगी।

नागिन के इस ब्यान पर समाजी कारकुन पुलिस स्टेशन के बाहर आए और लोगों को बताया कि स्तान शाही कृष्णादेवी जैसी बला से पाक होजाएगा क्योंकि इस ने मुहल्ला छोड़ने का एलान कर दिया है। इस के साथ ही लोगों में जो काफ़ी बरसों से ब्रहम और बेचैनी थी, ख़ुशी की लहर दौड़ गई और वो शांती शाली तरीके पर अपने अपने घरों को चले गएं।

वाज़िह रहे कि एक हफ़्ता पहले ही रोज़नामा सियासत ने आमिलों, जादूगरों, बाबाओं के ख़िलाफ़ मुहिम के तहत सुलतान शाही के मोह‌तर जादूगरों और ख़ुदसाख़ता आमिलों के बारे में एक ख़ुसूसी रिपोर्ट छापी थी और तब ही से लोगों के जोश ख़रोश में ज़बरदस्त बढावा हुआ था और पुलिस भी इस बात पर ग़ौर कर रही थी कि इन आमिलों के ख़िलाफ़ किस तरह और कब कार्रवाई की जाए ।

56 साला कृष्णा देवी को मौक़ा पाकर आख़िरकार‌ पुलिस ने कल गिरफ़्तार कर लिया। इत्तिफ़ाक़ की बात ये हैकि साल 2011 में भी 11 जून को ही इस मोहतरानी को गिरफ़्तार किया गया था, लेकिन इस के ख़िलाफ़ दफ़ा 420 के तहत मामूली मुक़द्दमा दर्ज करके उसे छोड़ दिया गया था। अगरचे कुच्छ दिन वो ख़ामोश रही लेकिन फिर से इस ने और इस के क़बीले के दुसरे मोहतरों ने अपनी नाजायज़ और शैतानी सरगर्मीयां शुरू करदीं।

बताया जाता हैकि कृष्णादेवी दरअसल बलदिया(नगरपालिका) के सरकारी शौचालय‌ साफ़ करने पर मामूर है, लेकिन इस की दौलत का ये हाल हैकि वो जिस घर में रह रही है वो पूरी तरह एय‌र कंडीशन है और इस के आलीशान और महलनुमा मकान में दो लिफ्ट्स भी काम करती हैं।

सारा घर इंपोर्टेड चिजों से भरा हुआ है क्योंकि वो अक्सर-बेशतर अपने भगतों के ईलाज-मुआलजा के लिए मशरिक़ ए वुसता खास कर‌ दुबई वग़ैरा जाया करती है। ख़ुद शहर में वो लगभग‌ 20 मकानों की मालिक है और करोड़ों रुपय कि दौलत‌ रखती है। आलीशान गाड़ियां ख़रीदना इस का शौक़ है। इस के भक्तों में दीन से दूर बेचारी भोली भाली मुस्लिम औरतें, कारोबारी, सनत कार, सीयासी लिडर‌ और आला सरकारी ओहदेदार शामिल हैं।

कृष्णादेवी मोहतरानी अपने शिकार से काफ़ी रक़म वसूल कर लेती और इस के बदले उन्हें नारीयल, मुख़्तलिफ़ रंगों की डोरियां, हल्दी, भलावीं, मुर्ग़ी‍ और‍दुसरें जानवरों की हड्डियां, जानवरों के सर, कुम‍कुम, गुंडे, राख और अजीब-ग़रीब लकड़ी की मूर्तियां और कपड़े की गढ़ियों के इलावा पानी दिया करती थी। चुनांचे कल उस की गिरफ़्तारी के दौरान भी इस के घर से इस किस्म की चीजें बरामद हुईं। बहरहाल सुलतान शाही के ग़ैरतमंद मुस‌लमानों ने एकता के ज़रीये कृष्णादेवी जैसी बुराई के ख़िलाफ़ एहितजाजी मुज़ाहरा क्या वो ना सिर्फ हैदराबादी शहरी बल्कि मुल्क के इन इलाक़ों के लोगों के लिए भी एक मिसाल है जहां जादूगर और ख़ुदसाख़ता आमिल-ओ-बाबा, भोलेभाले लोगों का इस्तिहसाल कर रहे हैं। सुलतान शाही के नौजवानों ने अमली इक़दाम करते हुए इन इलाक़ों के लोगों को जहां ख़ुदसाख़ता आमिल और बाबा अपनी दुकानात चमकाए हुए हैं, एक अच्छा पैग़ाम दिया हैकि वो भी सुलतान शाही के लोगों की तरह उन शैतानों के ख़िलाफ़ उठ खड़े हूँ ताकि भोले भाले लोग‌ इन का शिकार होने से और भोली भाली औरतें जिन्सी और हर किस्म के इस्तिहसाल से महफ़ूज़ रह सकें।