सैयद शहाबुद्दीन की मौत देश और मिल्लत के लिए बड़ा नुक़सान: मौलाना बदरुद्दीन अजमल

नई दिल्ली: ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद, जमीअत उलेमा हिंद के प्रांतीय अधयक्ष और दारुल उलूम देवबंद की मजलिसे शूरा के सदस्य हज़रत मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने पूर्व सांसद और महान मुस्लिम नेता श्री सैयद शहाबुद्दीन साहब के निधन पर गहरे शोक का इज़हार किया, और कहा कि और कहा कि उनकी मौत देश और मिल्लत के लिए बड़ा घाटा है।

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मिल्लत टाइम्स के मुताबिक़ मौलाना अजमल जो दिल्ली में मौजूद थे जैसे ही सैयद शहाबुद्दीन साहब के निधन की खबर सुनी अपनी सारी व्यस्तताओं को छोड़कर अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए पहुंचे और परिजनों की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सैयद शहाबुद्दीन जैसे महान व्यक्ति और मिलली नेता का उदाहरण बड़ी मुश्किल से मिलती है. सैयद शहाबुद्दीन साहब जो इंडियन फोरेन सर्विस (आईएफएस) के टॉपर थे, वह एक समय में कई देशों के भारतीय दूतावासों में रहते हुए देश के लिए जो मूल्यवान सेवा दी है उसे भुलाया नहीं जा सकता।

इसी तरह मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट रहते हुए एक योग्य राजनीतिज्ञ के रूप में वह देश व मिल्लत के हित की आवाज बुलंद करते रहे। इसके अलावा मुस्लिम मजलिस मुशावरत और अन्य मिलली, सामाजिक और कल्याणकारी संगठनों के मंच से मुसलमानों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा सक्रिय और प्रतिबद्ध रहे।

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक होने के नाते हमेशा बाबरी मस्जिद के पूर्णनिर्माण के लिए हमेशा जूझते रहे। मौलाना ने आगे कहा कि जब भी कोई मिल्ली समस्या पेश आता वे सक्रिय होकर मिल्ली नेताओं को एकजुट करके उसके समाधान के लिए खड़े हो जाते थे। उन्होंने कहा कि हम सब अल्लाह की बारगाह में दुआ करेंगे कि वह उसकी मगफिरत करे, और उसके परिजनों को सब्र अता करे। (आमीन)