हैदराबाद 09 सितम्बर: रुकने असेंबली अकबरुद्दीन ओवैसी हमला केस की समाअत के सिलसिले में तीसरे दिन भी अदालत में हाज़िर हुए और उन पर वकिले दिफ़ा ने जरह की। एडवोकेट जी गुरु मूर्ती ने रुकने असेंबली की पिस्तौल और उसके इस्तेमाल से मुताल्लिक़ कई सवालात किए।
अकबर ओवैसी ने बताया कि हमले के दिन उन पर अब्दुल्लाह याफ़ई की तरफ से पेट में गोली मारने के बाद उन्होंने अपना हथियार बाहर निकाल लिया था और वो अपनी जीपसी गाड़ी के दाएं से बाएं घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि ये कहना दरुस्त नहीं है कि जब मैं ज़मीन पर गिरा हुआ था मेरे सीधे हाथ में पिस्तौल थी और मुझे ये याद नहीं है कि मेरे सीधे हाथ में पिस्तौल थी या नहीं लेकिन जब मुझे उठाया गया पिस्तौल मेरे जिस्म के नीचे था और मैं ने इशारे से मुहम्मद ओलक़ी को उसे उठा लेने कहा। वकील दिफ़ा के सवाल का जवाब देते हुए अकबर ओवैसी ने कहा कि उनका लाईसेंस नंबर 1017 है और इस लाईसेंस पर तीन 3 बंदूक़ें 22 बरीटा पिस्तौल , 12 बोर डबल बयारल और 30 स्प्रिंग गन शामिल है।
उन्होंने वज़ाहत की के तहक़ीक़ाती ओहदेदार अस्सिटेंट कमिशनर पुलिस को उन्होंने ये बताया था कि वाक़िये से पहले उन्होंने अपने फ़ार्म हाउस पर बतौर प्रेक्टिस पिस्तौल का इस्तेमाल किया था और उन्होंने 8 कारतूस ख़र्च किए थे। उन्होंने कहा कि वो रॉयल आरमरी लकड़ी का पुल के अतीक़ से असलाह-ओ-गोला बारूद ख़रीदते हैं और उन्हें 30 अप्रैल 2011 से पहले कितनी मिक़दार में असलाह-ओ-गोला बारूद ख़रीदा उन्हें याद नहीं है लेकिन उनके लाईसेंस पर इस सिलसिले में तमाम तफ़सीलात दर्ज हैं और वो अदालत में अपना लाईसेंस पेश कर सकते हैं।
हमले के दिन उन्होंने कमर पर पिस्तौल लगा रखा था और हथियार में 8 कारतूस मौजूद थे। अकबर ओवैसी ने अंग्रेज़ी रोज़नामा दी हिंदू में शाय करदा एक ख़बर जिसका उनवान किया अकबरुद्दीन ने अपने हमला-आवर को शूट किया था से लाइलमी का इज़हार किया।
उन्हें इस बात का इलम नहीं है कि असलाह-ओ-गोला बारूद के इस्तेमाल से मुताल्लिक़ तफ़सीलात पुलिस को बतानी होती है। उन्होंने कहा कि लाईसेंस की इजराई के वक़्त उन्हें मुक़र्ररा कारतूस फ़राहम किए गए थे और उनके इस्तेमाल के बाद वो कारतूस भी ख़रीद सकते हैं अगर पुलिस चाहे तो इस सिलसिले में तमाम तफ़सीलात हासिल कर सकती है।
वकील दिफ़ा की तरफ से पिस्तौल के इस्तेमाल से मुताल्लिक़ फिर एक मर्तबा सवाल का जवाब देते हुए अकबर ओवैसी ने कहा कि हमले से एक माह पहले उन्होंने अपनी पिस्तौल से फ़ार्म हाउस पर मश्क़ की थी और बची हुई गोलीयों से मुताल्लिक़ तफ़सीलात अभी नहीं बता सकते। हमले के दिन उन्होंने किसी कारतूस का इस्तेमाल नहीं किया था क्युं कि वो अपनी पिस्तौल को काक करने से क़ासिर रहे।