हसनी मुबारक की हालत नाज़ुक , जेल में हीजानी कैफ़ियत

पूर्व मिस्री सदर हसनी मुबारक जिन्हें पिछले हफ़्ता उम्र क़ैद की सज़ा होगई थी, क़ाहिरा जेल में मुंतक़िल किए जाने के बाद से सख़्त बीमार हैं और उन की सेहत अबतर(खराब) हो गई है।

तोरा जेल के ज़राए के हवाला से सरकारी ख़बर रसां एजैंसी ने बताया कि कल उन के कुम्बा के लोगों ने जिन में इन की बीवी और दो बहूएं शामिल थीं जेल का दौरा किया मगर इस के बाद 84 साला मुबारक की हालत बिगड़ गई।वो उस वक़्त जेल के अस्पताल में हैं। कब्ल अज़ीं मुबारक पर कल हीजानी सदमे का शदीद दौरा पड़ने के बाद तोरा जेल इंतिज़ामीया में हलचल पैदा हो गई।

शदीद एस बी दौरे के बाद हसनी मुबारक को तोरा फ़ार्म हाऊस जेल के वार्ड में इंतिहाई निगहदाशत (icu)के शोबे में मुंतक़िल कर दिया गया। ये शोबा हसनी मुबारक की सेहत के नाज़ुक सूरत-ए-हाल के बाइस उन्हें बर वक़्त तिब्बी इमदाद फ़राहम करने की ग़रज़ से ख़ुसूसी तौर पर क़ायम किया गया है।

रोज़नामा अलाहराम ने आलa स्कियोरटी अहलकार के हवाले से इन्किशाफ़ किया कि जेल में पहली रात गुज़ारने के बाद मुबारक शदीद ज़हनी और जिस्मानी दबाव में थे। ज़राए का कहना है कि हसनी मुबारक को लाहक़ हीजानी कैफ़ीयत पर क़ाबू पाने के लिए वी आई पी कैदी के फ़र्ज़ंद जमाल मुबारक को बुला भेजा गया ताकि वो अपने वालिदा को नॉर्मल होने में मदद फ़राहम करें।

हसनी मुबारक शदीद ग़ुस्से की हालत में ना तो जेल इंतिज़ामीया से तआवुन (मदद)करने को तैय्यार थे और ना ही वो मैडीकल अमले को अपने क़रीब आने की इजाज़त देते थे। साबिक़(पूर्व) सदर बेटों के इलावा मैडीकल और जेल के अमले के हाथों दवा खाने को भी तैय्यार नहीं थे।