अमेरिका की तरफ से दहशतगर्द ऐलाना किए गए तंज़ीम जमात-उद-दावा का चीफ और मुंबई हमले का मास्टर माइंड हाफिज सईद न सिर्फ़ पाकिस्तान की सड़कों पर बेखौफ घूम रहा है बल्कि हाई कोर्ट जैसी जगह पर सेमिनार में मदऊ किया जा रहा है |
लाहौर हाई कोर्ट में मुनाकिद इस सेमिनार में सईद ने एक बार फिर हिंदुस्तान और अमेरिका के खिलाफ जहर उगला है | कुछ ही दिन पहले ही अमेरिका ने जमात-उद-दावा को दशतगर्द तंज़ीम ऐलान किया है, लेकिन इस तंज़ीम का चीफ दुनिया की नजरों में एक दहशतगर्द होने के बावजूद पाकिस्तान में आजाद घूमता फिर रहा है |
पाकिस्तान जस्टिस पार्टी ने लाहौर हाई कोर्ट बिल्डिंग में एक सेमिनार मुनाकिद किया था, जिसमें हाफिज सईद को भी बुलाया गया था. उसने यहां पर उसने जमकर हिंदुस्तान और अमेरिका के खिलाफ जहर उगला | यह दूसरा मौका था, जब लश्कर-ए-तैयबा के बानी हाफिज ने इस कोर्ट के अहाते में तकरीर दिया |
इससे पहले वह कोर्ट के अंदर वकीलों से मुखातिब कर चुका है. पाकिस्तान की मारूफ बार असोसिएशंस में से एक लाहौर हाई कोर्ट बार असोसिएशन ने उसे इसी साल मई में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया था | उस वक्त वकीलों के एक ग्रुप ने इस फैसले की मुखालिफत भी किया |
गुजश्ता महीने अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा पर लगाम कसते हुए जमात-उद-दावा समेत इसके दिगर साथी तंज़ीमो को दहशतगर्द तंज़ीम ऐलान करते हुए 2 लश्कर लीडर्स पर बैन लगा दिया था | एक ऑफिशियल स्टेटमेंट के मुताबिक यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने लश्कर ए-तैयबा के साथी तंज़ीमो जमात-उद-दावा, अल-अन्फाल ट्रस्ट, तहरीक-ए-हुरमत-ए-रसूल और तहरीक-ए-तहफुज किबला अव्वल पर बैन लगाया है |
एलईटी पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए अमेरिका ने पिछले महीने जमात-उद-दावा को दहशतगर्द तंज़ीमों की फहरिस्त में शामिल किया था | साथ ही पाकिस्तान में एलईटी के दो लीडरों पर बैन लगाए थे | जमात-उद-दावा लश्कर-ए-तैयबा का नकाबपोश तंज़ीम है |लश्कर पर 2008 में मुंबई में हुए दहशतगर्दाना हमले को अंजाम देने का इल्ज़ाम है जिसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी |