हिंदुस्तानी इंजीनियर ने उड़ाई अमेरीकी टीवी चैनलों की नींद

भोपाल के एक नौजवान ने अमेरिका में टीवी चैनलों के दिग्गजों की नींद हराम कर रखी है | सीबीएस, एनबीएस यूनिवर्सल, एबीसी व फॉक्स जैसे बड़े ब्रॉडकास्टर भोपाल के इस नौजवान के इजाद से न सिर्फ हैरान हैं बल्कि उन्हें कंपनी के प्रोगामों को चुराने के इल्ज़ाम में अदालत में घसीटने की तैयारी कर रहे हैं इस नौजवान का नाम हैं, चैतन्य कनोजिया जो अमेरिका में चेत कनोजिया के नाम से मशहूर हैं |

43 साल के चैतन्य ने क्लाउड पर मबनी एक ऐसा मिनी एंटीना इजाद किया है जो टेलीविज़न सिग्नल्स को इंटरनेट के ज़रिए नाज़रीन तक पहुंचाता है| दर्शक इसे फोन पर क्लिक कर टैबलेट, लैपटॉप और टीवी के साथ ही तकरीबन हर आलात (Equipment) पर देख या रिकॉर्ड कर सकते हैं | कनोजिया न्यूयार्क में रहने वाले हिंदुस्तानी कारोबार एरियो कंपनी के सीईओ हैं |

उनकी यह नई ईजाद अठन्नी जितना बड़ा एंटीना है जो हर सारिफीन के नाम पर शहर के एक बड़े से सेंट्रल बोर्ड में प्लग कर दिया जाता है | सारिफीन को न तो तार की जरूरत होती है और ना केबल बॉक्स की | सारिफीन सिर्फ एक यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए जिस आलात पर अपने पसंदीदा चैनल देख सकता है वो भी सिर्फ आठ डॉलर हर महीने की फीस पर | जबकि केबल कंपनियां इसके लिए 100 से 200 डॉलर तक वसूलती हैं |

चैतन्य का बचपन भोपाल में बीता है उनके वालिद जहाज के कैप्टन थे और मां टीचर थी | भोपाल के मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (अब मैनिट) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की | खुद चैतन्य कहते हैं कि कॉलेज में वे पढ़ाई में कमजोर थे और बैक बैंचर में उनकी गिनती होती थी |

कॉलेज के दौरान ही उन्हें शराब और सिगरेट की लत लग गई थी| लेकिन उनका रुझान हमेशा से ही इलेक्ट्रानिक्स गेजेट्स की तरफ रहा था |

भोपाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर वे अमेरीका आ गए जहां उन्होंने कंप्यूटर सिस्टम्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की | आज वो काम के पीछे पागल रहते हैं, मुश्किल से चार घंटे सोते हैं और शायद ही कोई सुबह होती हो जब वो अपनी दौड़ के लिए नहीं जाते हों | उन्होंने अपनी पिछली कंपनी को पच्चीस करोड़ डॉलर में माइक्रोसॉफ्ट को बेचकर अच्छा पैसा कमाया था |

रियो के लिए भी उन्हें काफी माली मदद मिल रही है और अब वो तेरह अमेरीकी शहरों में मौजूद हैं |