हैदराबाद 9 फ़रवरी ( सियासत न्यूज़) कौंसिल जेनरल ईरान मुतैयना हैदराबाद जनाब हसन नूरीयान ने कहा कि हिंदुस्तान और ईरान के दरमियान मुख़्तलिफ़ शोबों में तआवुन और इश्तिराक में इज़ाफ़ा हुआ है, और ईरान हिंदुस्तान के साथ तिजारत और सयाहत के शोबों में ताल्लुक़ात के इस्तेहकाम में दिलचस्पी रखता है।
इन्क़िलाब इस्लामी ईरान की 34 वीं सालगिरा के मौक़ा पर आज हैदराबाद में एक प्रेस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए हसन नूरीयान ने कहा कि ईरान और हिंदुस्तान ख़ित्ता में सयासी और मआशी एतबार से दो मज़बूत ममालिक हैं और बैनुल अक़वामी सतह पर उन के रोल को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
इलाक़ाई और बैनुल अक़वामी सतह पर कई शोबों में दोनों ममालिक एक राय रखते हैं और यकसाँ पालिसी के ज़रीए वो अपनी ख़ारिजा पालिसी को आगे बढ़ा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में कौंसिल जेनरल ईरान ने बताया कि मलऊन मुसन्निफ़ सलमान रुशदी के ख़िलाफ़ आयातुल्लाह खुमैनी ने जो फ़तवा जारी किया था वो आज भी बरक़रार है।
उन्हों ने कहा कि तंज़ीम इस्लामी कान्फ़्रैंस में शिरकत के लिए अहमदी नज़ाद का दौरा मिस्र हौसला अफ़्ज़ा साबित हुआ, और अहमदी नज़ाद ने मिस्र के दौरा के मौक़ा पर ये वाज़िह कर दिया कि वो फ़लस्तीन पर सीहूनी कब्जा को बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान और मिस्र ने कई शोबों में बाहमी तआवुन से इत्तिफ़ाक़ किया है।
न्यूकलीयर मसला पर मुज़ाकरात से मुताल्लिक़ अमरीकी पेशकश को मज़हकाख़ेज़ क़रार देते हुए कौंसिल जेनरल ने कहा कि ईरान से रास्त मुज़ाकरात की अमरीकी पेशकश से क़बल अमरीका को अपने क़ौलो फे़अल में तज़ाद को ख़त्म करना होगा।
चीफ़ पब्लिक रिलेशन ऑफीसर कौंसिल जेनरल ईरान अली अकबर नीरूमंद ने हसन नूरीयान की फ़ारसी तक़रीर का उर्दू और अंग्रेज़ी में तर्जुमा किया। इस्लामी इन्क़िलाब की 34वीं सालगिरा के मौक़ा पर 10फ़रवरी को कौंसिल जेनरल ईरान के अहाता वाक़े बंजारा हिलज़ में एक तक़रीब मुनाक़िद की गई है
जिस में डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर दामोधर राज नरसिम्हा, सदर नशीन क़ानूनसाज़ कौंसिल डाक्टर ए चक्रपाणी और दीगर अहम शख्सियतें मेहमानान के तौर पर शिरकत करेंगे।