सेक्रेट्री जेनरल अक़वामे मुत्तहिदा बाण्की मून के दौरे हिंद के लिए ज़्यादा अर्सा बाक़ी नहीं है लेकिन इस के बावजूद भी उन्हों ने मल्लाहों के तनाज़ा पर हिंद और इटली के दरमियान पाई जाने वाली नाराज़गी को महसूस किया है और इस बात के ख़ाहां हैं कि दोनों ममालिक इस तनाज़ा का कोई ऐसा हल निकालें जो दोनों के लिए काबिले क़ुबूल हो।
दरीं अस्ना मून की तर्जुमान स्टीफ़न डोबारुक ने इटालियन वायर सर्विस ANSA को बताया कि बाण्की मून हिंद – इटली के दरमियान मल्लाहों के तनाज़ा की अदम यक्सूई पर तशवीश में मुबतला हैं और इसी की वजह से अक़वामे मुत्तहिदा के अहम रुक्न ममालिक के दरमियान भी कशीदगी पाई जाती है।
लिहाज़ा बाण्की मून इस तनाज़ा का पुरअमन हल चाहते हैं क्यूंकि इस कशीदगी की वजह से आलमी अमन और सेक्यूरिटी पर भी असर अंदाज़ हो सकते हैं। बाण्की मून 10 ता 13 जनवरी नई दिल्ली और गुजरात का दौरा करने वाले हैं जहां वो सदर जम्हूरीया परनब मुकर्जी और वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी और वज़ीरे ख़ारिजा सुषमा स्वराज से मुलाक़ात करेंगे।