हैदराबाद 6 मार्च (सियासत न्यूज़) हिंद – सऊदी तिजारती ताल्लुक़ात में फ़रोग़ के लिए दोनों ममालिक में बेहतरीन मवाक़े दस्तयाब हैं । मुशतर्का प्रोजेक्ट्स में सऊदी वसाइल फ़राहम कर सकते हैं जब कि हिंदुस्तानी माहिरीन इन वसाइल के इस्तेमाल के लिए महारत की फ़राहमी को यक़ीनी बना सकते हैं ।
डाक्टर अबदुर्रहमान अल रबिआ सदर नशीन सऊदी हिंद तिजारती कौंसिल ने आज फ्याप्सी में मुनाक़िदा एक मुज़ाकरे से ख़िताब के दौरान ये बात कही । उन्हों ने बताया कि दोनों ममालिक के ताल्लुक़ात को बेहतर बनाने या दीगर रिवायती बातों की ज़रूरत नहीं है जब कि दोनों ममालिक बेहतरीन तआवुन और इश्तिराक के ज़रीए तिजारती और सनअती सरगर्मियों का हिस्सा बन सकते हैं ।
डाक्टर अबदुर्रहमान अल रबिआ ने बताया कि सऊदी हुकूमत की जानिब से सऊदी सनअतकारों सहूलतें फ़राहम कर रही है । उन्हों ने बताया कि हुकूमत फार्मा सेक्टर , फ़ूड प्रोसेसिंग , बर्क़ी पैदावार के इलावा ऑटो मोबाईल जैसे शोबों की तरक़्क़ी के लिए सरमायाकारों को मुराआत फ़राहम कर रही है ।
रंजन ने बताया कि इन शोबों में सरमायाकारी से सऊदी ताजिरीन बेहतरीन फ़ायदा हासिल कर सकते हैं । उन्हों ने कहा कि रियासत ने 2000 से ज़ाइद मुलाज़मतें फ़राहम करने का मंसूबा रखने वाले सरमायाकारों के लिए पुरकशिश पैकेज अलैहदा तौर पर तैयार किया है ताकि उन्हें मज़ीद मुराआत फ़राहम किए जा सके ।
सऊदी तिजारती वफ्द के अरकान ने हिंदुस्तानी ताजिरीन से तबादला ख़्याल किया और बाहमी इश्तिराक और तआवुन के साथ तिजारत और मईशत को फ़रोग़ देने के मुताल्लिक़ मंसूबाबंदी पर ज़ोर दिया।