श्रीनगर: हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की मौत के बात घाटी कश्मीर में हिंसक हुए माहौल के बारे में सारा देश जानता है। हिंसा, गोलियों और कर्फ्यू के बीच आम आदमी की ज़िन्दगी कितनी मुश्किल होगी इस बात का अंदाज़ा ही लगाया जा सकता है। बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, कारोबारी कारोबार नहीं कर पा रहे हैं। किसी के भी खुलेआम घूमने पर पाबन्दी है यहाँ तक कि मरीजों को भी अस्पताल तक जाने में कई परेशानियों से दो चार होना पड़ता है।
कर्फ्यू के ये 100 दिन कश्मीर के लिए बहुत महंगे साबित हुए हैं इन 100 दिनों में जहाँ कश्मीर को 15 हजार करोड़ से भी ज़्यादा का नुक्सान हुआ है वहीँ 100 से भी ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गँवाई है और हज़ारों लोग घायल हुए हैं। सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल किये जाने की वजह से कईओं की आँखों की रौशनी भी चली गई है लेकिन कर्फ्यू है कि ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा।
पिछले 100 दिनों से जारी प्रदर्शनों के दौरान जहाँ पुलिस ने 4000 से भी ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है वहीँ सरकार हिंसा और कर्फ्यू को ख़त्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठाती नज़र नहीं आ रही।