हिजाब नहीं पहनने वाली ख्वातीन के मुताल्लिक मुतनाज़ा बयान

जॉर्डन की एक अदालत ने मुस्लिम ख्वातीन के बारे में काफी मुतनाज़ा बयान दिया है मुकामी कोर्ट ने कहा कि जो औरतें इस्लामिक हिजाब नहीं पहनती उन्हें फाहेशा माना जाना चाहिए|

पिछले हफ्ते दिए फैसले में अदालत ने कहा कि, वह एक वकील के इस बयान से मुत्तफिक है कि वह खातून जो चेहरा नहीं ढ़कती और हिजाब नहीं पहनती उसे वैश्या माना जाना चाहिए और उन्हें कोर्ट में गवाही नहीं देने की इज़ाज़त नहीं होनी चाहिए, वकील ने एक फतवे की बुनियाद पर यह बयान दिया था|

कोर्ट के इस फैसले से ख्वातीन यूनियन (Women’s Union) आग बबूला हैं एक बयान जारी कर यूनियन ने कोर्ट के फैसले को ख्वातीन के साथ इम्तियाज़ी सुलूक और जॉर्डन के आईन की खिलाफवर्जी बताया है|

यूनियन का कहना है कि आईन सभी ख्वातीन और मर्दों को एक बराबर मानता है| जॉर्डन की ख्वातीन यूनियन ने बयान में कहा,अम्मान शरीया कोर्ट ऑफ अपील ने हिजाब नहीं पहनने वाली खातून गवाह की गवाही पर वकील के ऐतराज़ को कुबूल किया था | इस मुताल्लिक कोर्ट ने कहा कि, इससे 3/2/2014 से गवाही की ईमानदारी पर असर पड़ेगा |

———बशुक्रिया: पलपल इंडिया