हिन्दुस्तान और श्रीलंका आज फाईनल का दिलचस्प मुकाबला

टूर्नामेंट में ख़िताबी मुक़ाबले में रसाई हासिल करनेवाली हिंदुस्तानी टीम आज‌ टी 20 वर्ल्ड कप का फाईनल श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेलेगी और उम्मीद की जा रही है कि बर्र-ए-सग़ीर की दो हरीफ़ और ताक़तवर टीमों के बीच‌ एक दिलचस्प और ताक़तवर टकराव‌ होगा।

हिंदुस्तानी टीम कोशिश‌ है कि वो 2 मर्तबा टी 20 ख़ताबात हासिल करनेवाली पहली टीम का एज़ाज़ हासिल करलिए जबकि दूसरी जानिब श्रीलंकाई टीम 2011 वन्डे वर्ल्ड कप के फाईनल में हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ हुई हार‌ कामयाब बराबर करते हुए अपने दो सीनियर खिलाड़ियों महेला जय‌ वरधने और कुमारा संगाकारा को बेहतरीन और आलमी ख़िताब के साथ अल-विदा कहे क्योंकि उन खिलाड़ियों का ये आख़िरी बैनुल-अक़वामी टी 20 मुक़ाबला होगा।

हिंदुस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह को एक आलमी रिकार्ड क़ायम करने का भी मौक़ा दस्तयाब है और वो मीरपुर के शेर बंगला नैशनल स्टेडियम में वर्ल्ड कप ट्रॉफ़ी हासिल करते हुए 3 आलमी ख़ताबात हासिल करने वाले दुनिया के पहले कप्तान बन जाऐंगे क्योंकि 2007 में टी 20 वर्ल्ड कप ख़िताब के बाद 2011 में वन्डे वर्ल्ड कप की कामयाबी भी महेंद्र सिंह के नाम दर्ज है और वो आज‌ श्रीलंका को शिकस्त दे कर तीसरा आलमी ख़िताब हासिल करने वाले पहले कप्तान बन सकते हैं और इस दौड़ में वो ऑस्ट्रेलिया के साबिक़ कप्तान रिक्की पोंटिंग और वेस्ट इंडीज़ के कलाईओलाईड को पीछे छोड़ देंगे।

2007 के बाद महेंद्र सिंह धोनी की क़ियादत में हिंदुस्तानी टीम ने टेस्ट दर्जा बंदी में भी नंबर एक मुक़ाम हासिल किया और 2011 वन्डे वर्ल्ड कप भी हासिल करने के बाद अब वर्ल्ड कप के फाईनल में फिर एक मर्तबा रसाई हासिल करली है। हिंदुस्तानी टीम का मौजूदा फ़ार्म और महेंद्र सिंह धोनी और उनके साथियों के हक़ में है लेकिन इसके बावजूद श्रीलंका की कामयाबी के इमकानात को नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता जैसा कि सेमीफाइनल के बाद वेस्ट इंडीज़ के कप्तान डैरिन सेमी ने किया है।

हिंदुस्तानी टीम ने शानदार तरीक़ा से लगातार‌ पाँच मुक़ाबलों में कामयाबी हासिल करते हुए ख़िताबी मुक़ाबले में रसाई हासिल की है और जब कभी मतलूबा निशाना का पीछा करना रहा तो बैटस्मेनों ने मायूस नहीं किया। स्पेन शोबा में रवी चंद्रन अश्विन ने शानदार मुज़ाहरा किया है जब कि बैटिंग शोबा में वीराट कोहली और रोहित शर्मा के मुज़ाहिरे अच्छे हैं।

दबाव‌ के हालात में भी खिलाड़ियों ने ख़ुद को मैच विनिंग खिलाड़ियों के तौर पर ख़ुद को साबित किया है। हिंदुस्तान और श्रीलंकाई टीम तीन साल तीन दिन के बाद फिर एक मर्तबा ख़िताबी मुक़ाबले में आमने सामने होरही है जैसा कि 2011 में वानखडे स्टेडियम में खेले गए मुक़ाबला में हिंदुस्तानी टीम ने ख़िताब हासिल किया था।

श्रीलंकाई टीम ने दूसरी जानिब बेहतर मुज़ाहिरों के ज़रिया फाईनल तक रसाई हासिल की है और आज‌ खेले जाने वाले फाईनल में फिर एक मर्तबा ये अपने तजुरबाकार खिलाड़ियों कुमारा संगाकारा महेला जय‌ वरधने और ओपनर दिलशान से बेहतर आग़ाज़ के इलावा बौलिंग शोबा में लसिथ मलंगा और गुजिश्ता दो मुक़ाबलों में हरीफ़ बैटस्मेनों को परेशान करने वाले स्पिनर रंगना हैरथ से बेहतर मुज़ाहरा की उमीदकी जा रही है ताकि वो टीम को 1996 के बाद फिर एक मर्तबा आलमी चैम्पिय‌न बनाए।