चौमुहल्ला पैलेस में आज शहज़ादा अज़मत जाह बहादुर ने आसिफ़ जाहि सलातीन के दौर में जमा करदा क़ुरआन के नुस्ख़ों के इलावा मख़तूतात की नुमाइश का इफ़्तेताह अंजाम दिया । शहज़ादी अस्रा जाह , शहज़ादा आज़म जाह और शहज़ादी शाहकार जाह के इलावा दीगर अहम शख़्सियतों की मौजूदगी में इस अहम तरीन नुमाइश का इफ़्तेताह अमल में आया जो कि अब चौमुहल्ला पैलेस का मुशाहिदा करने के लिए पहुंचने वाले सय्याहों के लिए मुस्तक़िल तौर पर खुली रहेगी ।
इस नुमाइश में मख्तलिफ साईज़ के क़ुरआन मजीद के नुस्ख़ा मुशाहिदे के लिए रखे गए हैं जिन में 2.5 सेंटीमीटर के नुस्ख़ा के इलावा 9 फ़ीट का कुरआनी नुस्ख़ा शामिल है । ख़लवत मुबारक में शुरू हुई इस नुमाइश के इफ़्तेताह के बाद अज़मत जाह बहादुर ने बातचीत करते हुए कहा कि ये एक इंतिहाई अहम ज़ख़ीरा था जो कि अस्लाफ़ के मज़हबी ज़ौक की अलामत है जिन्होंने ना सिर्फ़ हिंदुस्तान के मुख़्तलिफ़ मुक़ामात बल्कि हिंदुस्तान के बाहर से दीगर ममालिक के क़ीमती कुरआनी नुस्ख़ा जमा किए थे ।
इस नुमाइश में ईरान , इराक़ , शुमाली हिंद , कश्मीर के क़ीमती कुरआनी नुस्ख़ा भी अवामी मुशाहिदे के लिए रखे गए हैं । शहज़ादा अज़मत जाह बहादुर ने इन क़ीमती मज़हबी कुतुब (किताबें) को दुबारा क़ाबिल दीद (देखने के काबिल) बनाने में तआवुन करने वालों की मेहनत की सताइश करते हुए कहा कि ज़ाइद अज़ 600 साल क़दीम कुरआनी नुस्ख़ों-ओ-दीनी कुतुब को आवाम के मुशाहिदे के लिए पेश करते हुए एक गिरांक़द्र कारनामा अंजाम दिया गया है ।
इस मौके पर मोअज़्ज़िज़ीन शहर डाक्टर श्रीधर नायक , जनाब इदरीस हसन लतीफ़ , जनाब सैय्यद आसिफ़ पाशा साबिक़ वज़ीर-ए-क़ानून , बेगम बिलकीस लतीफ़ , लेफ़्टीनैंट , जनरल ज़की , जनाब मुहम्मद अबदुल बासित साबिक़ डायरेक्टर जनरल आसिफ़ पुलिस , जनाब कमाल उद्दीन अली ख़ान सेक्रेटरी मुकर्रम जाह एजूकेशनल ट्रस्ट , मुहतरमा अंनुराधा नायक , क़ारी इक़बाल अली ख़ान , जनाब सफ़ी उल्लाह , जनाब जी किशन राव , जनाब फ़ैज़ ख़ान के इलावा दीगर अहम शख़्सियात मौजूद थीं।
इस इफ़्तेताही तक़रीब में शहज़ादी अस्रा जाह , शहज़ादी शाहकार , शहज़ादा अज़मत जाह बहादुर और शहज़ादा आ अज़म जाह बहादुर ने शुरका से फ़र्दन फ़र्दन मुलाक़ात की और उन से कई उमूर पर गुफ़्तगु भी की । शहज़ादा आज़म जाह बहादुर ने इस मौके पर बताया कि उन्हें ऐसी इंतिहाई क़ीमती-ओ-मुतबर्रिक नुमाइश का मुशाहिदा करते हुए बे इंतिहा-ए-मुसर्रत हो रही है और ये नुमाइश चौमुहल्ला पैलेस की ख़ूबसूरती में इज़ाफ़ा का बाइस बनी है ।
उन्होंने नादिर-ओ-नायाब मख़तूतात को आवाम के लिए पेश किए जाने की सताइश की । इस नुमाइश के एहतिमाम में मारूफ़ माहिर अमराज़ ए क़ल्ब डाक्टर सुधीर नायक की दुख़तर मुहतरमा अनुराधा नायक का अहम किरदार है । जनाब अहमद अली सालार जंग म्यूज़ीयम के इलावा इस तक़रीब में दीगर मोअज़्ज़िज़ीन ने भी शिरकत की ।