सदर जम्हूरीया प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि समाज को ख़वातीन के बारे में मनफ़ी तास्सुर तबदील करने के लिए जद्द-ओ-जहद करनी चाहिए। उन्हें एक महफ़ूज़ और साज़गार माहौल फ़राहम करना चाहिए ताकि वो क़ौम की तामीर में अपना हिस्सा अदा करसकें।
बैन-उल-अक़वामी यौमे ख़वातीन के मौक़े पर अपने पैग़ाम में प्रणब मुखर्जी ने अवाम से ख़ाहिश की कि वो ख़वातीन के तहफ़्फ़ुज़ और उनकी फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए अपनी कोशिशें दोगुनी करदें। उन्होंने कहा कि वो हमारे मुल्क के तमाम इलाक़ों में मुक़ीम ख़वातीन के लिए अपनी गर्मजोश मुबारकबाद और नेक ख़ाहिशात पेश करते हैं।
इनका शुक्रिया अदा करते हैं क्योंकि उन्होंने हमारी अज़ीम क़ौम की तामीर में काबुल-ए-क़दर हिस्सा अदा किया है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तानी ख़वातीन सदीयों से सियासी, तालीमी और रुहानी शोबों में बाज़मत मुक़ाम हासिल करती आई हैं। उन्हें क़दीम हिन्दुस्तान में अवामी ज़िंदगी में आज़ादी और मुसावी शराकतदारी हासिल थी।
उन्होंने कहा कि दस्तूर हिंद में सनफ़ी मुसावात का उसोल दर्ज है। ना सिर्फ़ दस्तूर ख़वातीन को मुसावात अता करता है बल्कि ममलकत भी एसे इक़दामात करती है जिन से ख़वातीन के ख़िलाफ़ तास्सुब का ख़ातमा हो और उन से मुसबत अंदाज़ में सुलूक किया जाये। सदर जम्हूरीया ने कहा कि ख़वातीन की बाइख़तियारी को ना सिर्फ़ हमारी भरपूर कोशिशों के ज़रीये नाफ़िज़ किया जाना चाहिए बल्कि सनफ़ी मुसावात को भी यक़ीनी बनाया जाना चाहिए।
ख़वातीन की क़ौम की तामीर में भरपूर शराकतदारी की तहरीक देने के लिए अहम इक़दामात ज़रूरी है। राष़्ट्रा पत्ती भवन से जारी करदा बयान में सदर जम्हूरीया ने कहा कि हम बहैसीयत एक समाज ख़वातीन के बारे में मनफ़ी तास्सुरात तबदील करने के लिए जद्द-ओ-जहद करने के पाबंद हैं।
ख़वातीन को एक महफ़ूज़ और साज़गार माहौल फ़राहम किया जाना चाहिए जिस में वो अपनी सलाहीयतों का बेहतरीन मुज़ाहरा करसकें और क़ौम की तामीर में भरपूर हिस्सा अदा करसकें। बैन-उल-अक़वामी यौमे ख़वातीन के मौक़ा पर हमें अह्द करना चाहिए कि ख़वातीन की फ़लाह-ओ-बहबूद और उनके तहफ़्फ़ुज़ की हमारी कोशिशों को दोगुना कर दिया जाएगा। यौमे बैन-उल-अक़वामी ख़वातीन के मौक़े पर हमारे समाज के हर रुकन को ख़वातीन के लिए आला तरीन एहतेराम की आदत पैदा करना चाहिए।