ख़वातीन पर ज़ुल्मो हिरासानी के वाक़ियात में इज़ाफ़ा

करीमनगर, 09 फ़रवरी: रियासत में सबसे ज़्यादा ख़वातीन पर घरेलू तशद्दुद और जहेज़ के मुतालिबे पर ईज़ा रसानी के सिलसिले में मुक़द्दमात के इंदिराज में करीमनगर ज़िला सरे फ़हरिस्त होता जारहा है। साबिक़ में किए गए मुख़्तलिफ़ औक़ात के सर्वे के नताइज में ज़िले को पहले मुक़ाम पर ला खड़ा किया गया था।

हुकूमत ने ख़वातीन पर होरहे ज़ुल्मो ज़्यादती के इंसिदाद के लिए ख़ुसूसी तौर पर ज़िला मुस्तक़र पर महीला पुलिस स्टेशन का क़ियाम अमल में लाया है और कौंसलिंग सैंटर भी क़ायम किया जा चुका है, लेकिन फिर भी ख़ातिरख़वाह नताइज के हुसूल में कामयाबी नहीं होपाई है।

ख़वातीन को दरपेश मसाइल क्या हैं? बगै़र किसी झिजक के अगर पुलिस ख़ातून ओहदेदार हो तो उन्हें बगै़र किसी श्रम के वाक़िफ़ करवाने में आसानी होगी। ये ख़्याल आम है, लेकिन महिला पुलिस स्टेशन में कोई आला ख़ातून ओहदेदार ना होना भी ताज्जुबख़ेज़ है। ख़वातीन पर होरही ज़्यादती की शिकायत के लिए टूल फ़्री 091 नंबर दिया गया, लेकिन इस नंबर पर मुस्तक़िल तौर पर किसी ओहदेदार को मुतय्यन नहीं किया गया।

इस नंबर पर शिकायत के हुसूल के बाद भी फ़ौरी कोई कार्रवाई ना किए जाने की वजह से शिकायत कुनुन्दों की जानिब से ज़िला एस पी से शिकायत की तो कुछ दिन 1091 की कारकर्दगी बेहतर रही। बादअज़ां हसबे मामूल कोई ख़ास कार्रवाई नहीं की जाने की शिकायत आम होचुकी है।

बाज़ रास्त पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करने के बावजूद इस शिकायत पर संजीदगी से ग़ौर ना किए जाने पर कलैक्टर को रास्त शिकायत की गई। ज़्यादा तर पुलिस स्टेशनों में दीगर दीवानी मुक़द्दमात लेन देन आराज़ीयात की ख़रीद-ओ-फ़रोख़त में सयासी मुदाख़िलत पर पुलिस मुलाज़मीन तवज्जा दे रहे हैं ऐसी शिकायात भी आम हैं।