ख़ालिद मुजाहिद को बाराबंकी के अस्पताल में हलाक किया गया ?

लखनऊ, 5 जून: (एजेंसी ) उत्तर प्रदेश में 2007 के दहशतगर्द हमले में गिरफ़्तार शूदा मुस्लिम नौजवान ख़ालिद मुजाहिद की पुलिस तहवील में हलाकत के ख़िलाफ़ मुसलमानों के एहतिजाज के दरमियान चंद सनसनीखेज़ इन्किशाफ़ात मंज़रे आम पर आए हैं ।

लखनऊ को मुंतक़ली के दौरान ख़ालिद मुजाहिद के साथ पुलिस वैन में मौजूद दीगर तीन मुल्ज़िमीन ने इस वाक़िया के ऐनी शाहिदीन की हैसियत से उत्तर प्रदेश के साबिक़ डी जी पी एस एस आर दारा पूरी से कहा कि ख़ालिद मुजाहिद फ़ैज़ाबाद अदालत से लखनऊ को मुंतक़ली के दौरान पुलिस वैन में बेहोश हो गया था और जब उसको बाराबंकी हॉस्पिटल ले जाया गया वहां वो सांस ले रहा था ।

लेकिन हॉस्पिटल में निस्फ़ घंटा बाद उसकी मौत का ऐलान किया गया । तीनों मुल्ज़िमीन ने साबिक़ डी जी पी एस एस आर दारा पूरी और एडवोकेट मुहम्मद शुऐब ने कहा कि तसावीर से ऐसा महसूस होता है कि ख़ालिद मुजाहिद को हॉस्पिटल में गला घोंट कर हलाक कर दिया गया ।

एस आर दारा पूरी ने जो रिहाई मंच के जनरल सेक्रेटरी भी हैं 28 मई को लखनऊ में रिहाई मंच के एक धरना से मुख़ातिब करते हुए कहा कि तारिक़ क़ासिमी और दीगर दो मुल्ज़िमीन ने एडवोकेट शुऐब और उन से कहा कि बाराबंकी के उसनेही घाट के क़रीब मुजाहिद बेहोश हो गया था जिस के मुँह पर पानी छिड़का गया था बादअज़ां उसको बाराबंकी हॉस्पिटल मुंतक़िल किया गया जहां वो पूरी तरह सांस ले रहा था लेकिन सफ़ारी सूट में मलबूस एक शख़्स जिस के बाल पुलिस तर्ज़ के थे वैन के क़रीब पहुँचकर कहा कि मुजाहिद फ़ौत हो गया है जिस पर तारिक़ क़ासिमी ने सवाल किया कि वो यह किस तरह से कह सकता है जबकि मुजाहिद सिर्फ़ दो मिनट क़ब्ल दवाख़ाना में दाख़िल किया गया ।

उस शख़्स ने कहा कि वो प्रेस से ताल्लुक़ रखता है लेकिन इस के पास कोई बैग या ऐसी चीज़ नहीं थी जिस से ये महसूस किया जा सकता था कि वो मीडीया से वाबस्ता है । तारिक़ क़ासिमी ने मज़ीद कहा कि इस वाक़िया के 15 मिनट पर चंद मुलाज़मीन पुलिस वैन के क़रीब पहूंचे और कहा कि मुजाहिद का आई सी यू में ईलाज किया जा रहा है ।

इस के बाद दो साथी मुल्ज़िमीन को बाराबंकी कोतवाली पुलिस स्टेशन ले जाया गया जहां पहुँचने के कुछ देर बाद उन्हें ख़ालिद मुजाहिद की मौत की इत्तिला मौसूल हुई ।