फ़ौजी इलाके में ज़िंदा जला दिया गया कमसिन तालिब-ए-इल्म फ़ौत

सिद्दीक़नगर फर्स्ट लांसर में फ़ौजीयों के हाथों मुबय्यना तौर पर ज़िंदा जलाए जाने वाला दीनी मदर्रिसा मुहम्मदिया के कमसिन तालिब-ए-इल्म शेख़ मुस्तफ़ा दवाख़ाने में ज़ख़मों से जांबर ना होसका।

वाज़िह रहे कि फर्स्ट लांसर में दो नामालूम फ़ौजी जवानों ने शेख़ मुस्तफ़ा को केरोसीन डाल कर ज़िंदा जलादेने की कोशिश की थी जिस में वो 90 फ़ीसद झुलस गया था।

कंचनबाग़ में वाक़्ये अपोलो डी आर डी ओ में सुबह 8:50 बजे लड़के ने आख़िरी सांस ली। कमसिन लड़के के इंतेक़ाल पर सिद्दीक़नगर में रंज-ओ-ग़म की शदीद लहर दौड़ गई और वहां पर सुबह से ही माहौल कशीदा होगया। लड़के की मौत की इत्तेला पर हैदराबाद पुलिस अचानक चौकस होगई और किसी भी किस्म के नाख़ुशगवार वाक़िये से निमटने के लिए बेहतर बंद-ओ-बस्त किया गया जबकि लड़के के इंतेक़ाल के कुछ देर बाद ही लाश को दवाख़ाना उस्मानिया के मुर्दा ख़ाना मुंतक़िल कर दिया गया जहां पर फॉरेंसिक माहिरीन की एक टीम ने तहसीलदार की निगरानी में पोस्टमार्टम किया और इस कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई।

बादअज़ां लाश को विरसा-ए-के हवाले कर दिया गया। सिद्दीक़नगर को लाश की मुंतक़ली के बाद मुक़ामी अवाम में गुम और ब्रहमी देखी गई जिस के पेशे नज़र पुलिस ने तदफ़ीन के मौके पर भारी पुलिस फ़ोर्स को मुतय्यन कर दिया था।जलूस जनाज़ा के रास्ते में
रैपिड ऐक्शण फ़ोर्स और टास्क फ़ोर्स अमला को मुतय्यन करते हुए चौकस रहने की हिदायत दी गई थी।

बाद नमाज़ ज़ुहर सिद्दीक़नगर में वाक़्ये मस्जिद में नमाज़ जनाज़ा अदा की गई और फर्स्ट लांसर के मुक़ामी क़ब्रिस्तान में तदफ़ीन के लिए जनाज़ा को लेजाया जा रहा था कि जनाज़ा में शरीक अफ़राद ने शहीद मुस्तफ़ा का इंसाफ़ करो के नारे लगाए और महबूब होटल के क़रीब जनाज़ा को सड़क पर रख कर फ़ौजीयों की बरबरीयत के ख़िलाफ़ धरना और रास्ता रोको मुनज़्ज़म करने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस फ़ौरी हरकत में आगई और जनाज़ा को आगे बढ़ा दिया।

शेख़ मुस्तफ़ा के जनाज़ा में सिद्दीक़नगर के अलावा दुसरे अतराफ़ अकनाफ़ के सैंकड़ों अफ़राद ने बिला लिहाज़ मज़हब-ओ-मिल्लत शिरकत की। मुक़ाम वारदात पर सिटी पुलिस का सुराग़ रसां दस्ता क्लोज़ टीम ने पहुंच कर वहां का दुबारा मुआइना किया और वहां से चंद शवाहिद भी इकट्ठा किए।

बावसूक़ ज़राए ने बताया कि फ़ौज के आला ओहदेदारों ने भी महिकमा जाती तहक़ीक़ात का आग़ाज़ कर दिया है और डयूटी पर मुतय्यन अमले से मुताल्लिक़ तमाम तफ़सीलात हासिल की जा रही हैं। शेख़ मुस्तफ़ा की मौत के बाद हुमायूँनगर पुलिस ने 307 इक़दाम-ए-क़त्ल मुक़द्दमा की दफ़ा में तरमीम करते हुए दफ़ा 302 क़त्ल का मुक़द्दमा दर्ज करलिया है और तहक़ीक़ात का आग़ाज़ कर दिया है।