10 हजार रुपए के लिए 3 साल की मासूम की हत्या, देश भर में गुस्से का माहोल !

10 हजार रुपए के लिए 3 साल की मासूम की हत्या, देश भर में गुस्से का माहोल !
The dead man's body. Focus on hand

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पैसे की रंजिश को लेकर 3 साल की मासूम बच्ची के अपहरण और उसके बाद वहशियाना तरीके से हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है. मामला चूंकि दो समुदायों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस दर्दनाक घटना पर सियासी बयानबाजी भी होने लगी है. दरअसल, अलीगढ़ के टप्पल इलाके में गुरुवार को कूड़े के ढेर के नीचे से 3 साल की मासूम बच्ची का शव बरामद किया गया था. पुलिस के मुताबिक, वहशी दरिंदों ने इस मासूम बच्ची का पहले अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी. दरिंदों की हैवानियत इतने पर ही नहीं थमी, उन लोगों ने हत्या के बाद मासूम की दोनों आंखें भी निकाल ली थीं. बच्ची का शव बरामद होने के बाद इलाके में तनाव फैल गया. इसे देखते हुए इलाके में बड़े पैमाने पर पुलिस बल को तैनात किया गया है.

बच्ची के पिता से थी पैसे को लेकर रंजिश
पुलिस ने शुरुआती पड़ताल के आधार पर बताया कि घटना के पीछे रुपए के लेन-देन का विवाद है. पुलिस ने घटना को लेकर दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. अलीगढ़ के एसएसपी आकाश कुलहरि ने गुरुवार को बताया कि 31 मई को टप्पल से लापता हुई तीन साल की बच्ची का क्षत-विक्षत शव गत दो जून को उसके घर के पास एक कूड़े के ढेर में दबा पाया गया. उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता बनवारी लाल शर्मा की शिकायत पर जाहिद और असलम नामक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ में पता चला है कि दोनों आरोपियों का बच्ची के पिता से धन के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था. कुलहरि ने बताया कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची से बलात्कार के संकेत नहीं मिले हैं. उसकी गला दबाकर हत्या की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्ची के पिता ने हत्या के आरोपियों से 10 हजार रुपए उधार लिए थे. पैसे न लौटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद आरोपियों ने इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया.

आरोपियों पर NSA लगाने की कार्यवाही शुरू
एसएसपी ने कहा कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए दोनों अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाए जाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई कराए जाने की भी प्रक्रिया शुरू की गई है. कुलहरि ने बताया कि मामला दो समुदायों से जुड़ा होने की वजह से पैदा हुए तनाव के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप लगाया, लेकिन अलीगढ़ पुलिस ने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि इस तरह की बातें अफवाह हैं. बच्ची के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी किसी घटना का जिक्र नहीं आया है.

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