प्रशांत किशोर हाल ही में जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। पीके के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद से कयास लगाया जा रहा था कि वे चुनाव लड़ंगें। लेकिन, प्रशांत किशोर ने सारे कयासों पर विराम लगाते हुए कहा कि अगामी दस सालों तक उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं राज्यसभा नहीं जा रहा हूं। लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ूंगा। जनता की सेवा के इरादे से जदयू में शामिल हुआ हूं। मेरा कोई और लक्ष्य नहीं है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि भले ही मैं जदूय का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बन गया हूं। लेकिन, चुनाव लड़ने का मेरा कोई इरादा न था और न ही है।
जदयू से जुड़े छात्रों-युवाओं को चुनाव जीतने का मंत्र देते हुए पीके ने कहा कि जनता के बीच जाइए। उनकी सेवा कीजिए। पांच साल बाद टटोलिएगा कि आप कहां खड़े हैं। खुद पर भरोसा हो तो चुनाव लड़िए। जरूर कामयाबी मिलेगी।