पंचकूला में सुरक्षा व्यवस्था सेना के हवाले, डेरा समर्थकों को हटाने की कार्रवाई जारी, सिरसा में लगाया गया कर्फ्यू

पंचकूला में सुरक्षा व्यवस्था सेना के हवाले, डेरा समर्थकों को हटाने की कार्रवाई जारी, सिरसा में लगाया गया कर्फ्यू

25 अगस्त शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर बलात्कार के मामले में फ़ैसला आना है । पंचकुला सीबीआई कोर्ट इसे केस में फैसला देगी । लेकिन उससे पहले ही राम रहीम के लाखों भक्त पंचकुला पहुंच गए हैं और उनका आना जारी है ।

गुरुवार की रात 10 बजे से पंचकूला शहर को आर्मी के हवाले कर दिया गया है। सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी आर्मी के हाथों में है। साथ ही रात 10 बजे से सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सिरसा के डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत सिंह ने सिरसा और पास के गांवों शाहपुर बेगू, नीजिया और बजेकां में रात बजे से कर्फ्यू लगाने की जानकारी दी। उधर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर जरूरत हुई तो डीजीपी के पास कर्फ्यू लगाने का पूरा अधिकार है। सुरक्षाबलों ने डेरा समर्थकों से वापस जाने को कहा है ।

सुरक्षा के मद्देनजर पंचकूला में सेना को तैनात किया गया है. हरियाणा के डीजीपी बीएस संधु का कहना है कि शुक्रवार की सुबह सेना पंचकूला में फ्लैग मार्च करेगी. संधु ने बताया कि इस इलाके में सेना की 20 टुकड़ियां तैनात की जा रही है. स्थानीय प्रशासन ने सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया है. यहां पर डेरा सच्चा सौदा स्थित है. पुलिस घर-घर जाकर लोगों से घरों में रहने की अपील कर रही है.

इससे पहले गुरुवार को हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से भी यह कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह शुक्रवार रात तक अतिरिक्त सुरक्षाबल यहां भेजे. कोर्ट ने नाराज़ होते हुए कहा कि केंद्र अपनी ज़िम्मेदारी से यह कहकर नहीं बच सकता कि यह लॉ एंड ऑर्डर का मामला राज्य का है. कोर्ट ने पंचकूला की कमिशनर से पूछा कि, आपके पास कोई प्लान है? आपने धारा 144 लागू क्यों नहीं लागू की. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, कमिश्नर पंचकूला और केंद्र को फटकार लगाते हुए हरियाणा सरकार से कहाकि जो आपने जाट आंदोलन के समय किया आज भी आप वही कर रहे हैं.

कोर्ट ने कहा, आपने लोगों को जमा क्यों होने दिया? अफसर कर क्या रहे थे? आप उनकी मदद कर रहे हैं, सांठगांठ के अलावा यह और क्या हो सकता है? आप उनको बढ़ावा दे रहे हैं.पहले आपने काम ठीक से नही किया अब फोर्स की कमी रोना रो रहे हैं. आपमे इच्छा शक्ति नहीं, एक-एक कर आने दिया तभी हज़ारों लोग इकठ्ठा हो गए. आप कोर्ट को मूर्ख बना रहे हो.

धारा 144 पर चंडीगढ़ के कमिश्नर अर्शदीप चावला ने कहा, आदेश आज पास हुआ है. तब कोर्ट ने कहा, यह तो पोस्टमार्टम जैसी बात हो गई, अर्शदीप चावला ने कहा, हमारे पास लोगों की कमी थी. बॉर्डर का एरिया बहुत बड़ा था, इसलिए लोगों को आने से नहीं रोक पाए. तब कोर्ट ने कहा, जब इनके इकठ्ठा होने के संदेश फैलने शुरू हुए तो इंटरनेट बंद क्यों नहीं किया?

कोर्ट ने कहा, आप औपचारिक बयान दो कि क्या आज की तारीख में अब लोग आना बंद हो गए हैं. कमिश्नर ने कहा, संभव नहीं है ऐसा करना, लेकिन कम हो गया है उनका आना. अर्शदीप चावला ने कहा, हमारे पास सबूत है कि डेरा लोगों को निर्देश दे रहा है कि कब कहां क्या करे. हमारे पास इंटरसेप्ट हैं. कोर्ट ने सबूत को कल कोर्ट में पेश करने को कहा है.

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