बहरीन और पश्चिमी अधिकारियों का मानना है कि इज़राइल बहरीन के साथ कूटनीतिक संबंधों को सामान्य करने की ओर बढ़ रहा है। दोनों ही देशों के बीच जल्द नज़दीकियां बढ़ सकती हैं।
अज्ञात अधिकारियों ने शनिवार को मिडिल ईस्ट आई न्यूज़ पोर्टल को बताया कि दोनों ही देशों के बीच संबंधों की आधिकारिक घोषणा अगले साल तक हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि बहरीन और इज़राइल पहले से ही व्यापारियों एवं धर्म गुरुओं और यहां तक कि मंत्रियों के विनिमय दौरे की स्थापना के लिए काम कर रहे हैं।
एक पश्चिमी अधिकारी ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हम यहां (बहरीन) एक इज़राइली दूतावास देखेंगे, लेकिन शायद व्यापार और आर्थिक मामलों के मंत्रियों के यहां आधिकारिक दौरे होंगे।”
सूत्रों का कहना है कि यह संपर्क उस वक्त होगा जब तेल अवीव और मनामा के बीच व्यापारिक सौदे की आधिकारिक घोषणाएं होंगी।
बहरीन के एक अधिकारी ने बताया कि यह मेल-जोल मध्य पूर्व में एक नई वास्तविकता का हिस्सा है और ईरान से मुकाबले की नीति के अनुरूप है।
अधिकारी ने कहा इज़राइल के साथ संबंध स्थापित करना संदिग्ध नहीं होगा। उसने दावा किया, “इज़राइल न हमें धमकी देता है और हमारे खिलाफ साजिश करता है लेकिन ईरान निश्चित रूप से करता है”।
बता दें कि इससे पहले इज़राइन के साथ संबंध स्थापित करने की बहरीनी नीतियों का वहां के लोग विरोध कर चुके है। साल 2009 में जब बहरीन के प्रिंस शेख सलमान बिन हमाद अल खलीफा ने अरब देशों से इज़राइल से बातचीत करने का अनुरोध किया था, तब लोगों ने शेख सलमान की जमकर आलोचना की थी।
इसके बाद सन 2016 में बहरीन के विदेश मंत्री खालिद बिन अहमद अल खलीफा इज़राइल के पूर्व राष्ट्रपति शिमोन के निधन पर जब शोक व्यक्त किया था, तब बहरीन के लोगों का ग़ुस्सा फूट पड़ा था और आले खलीफा हुकूमत को चौतरफा निंदा का सामना करना पड़ा था।