बलिया: जम्मू-कश्मीर के बनिहाल पट्टी में पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलाबारी में बलिया के टँगुनिया गांव निवासी 32 वर्षीय बीएसएफ जवान रामप्रवेश यादव शहीद हो गए। रामप्रवेश हेड कांस्टेबल के पद पर कैंप ड्यूटी पर तैनात थे।
राम प्रवेश की मौत की खबर सुनकर उनके गाँव के साथ साथ लगते अन्य गाँव में भी सन्नाटा छा गया है। गांव वाले रामप्रवेश के शहीद होने पर गर्वित महसूस करने के साथ दुखी भी है।
कल शाम शहीद रामप्रवेश का शव उनके घर टगुनिया पहुँच गया है। आज उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के उनके गाँव हुआ। उनके अंतिम संस्कार में आस-पास के गांव से काफी लोग शामिल होने पहुंचे या यूं कहे कि इस अंतिम यात्रा में उन्हें अलविदा कहने जनसैलाब उमड़ पड़ा।
इस दुखदायी वक़्त में लोगों ने रामप्रवेश के परिवार को सांत्वना दी। रामप्रवेश पर अपने घर की काफी जिम्मेदारियां थी। शहीद रामप्रवेश यादव वर्ष 2006 में गोरखपुर में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए हुए थे। रामप्रवेश के दो बेटे भी है जिनकी उम्र 7 वर्ष और 4वर्ष है। रामप्रवेश के परिवार के लोगों का रो रो कर बुरा हाल है।