वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में संघ परिवार का नाम जोड़ने पर बीजेपी ने इतिहासकार रामचंद्र गुहा को लीगल नोटिस भेजा है। गुहा ने कहा था कि गौरी लंकेश के हत्यारे संघ परिवार से जुड़े हो सकते हैं। बीजेपी ने नोटिस भेजकर गुहा को तीन के अंदर बिना शर्त माफी मांगने को कहा गया है। यदि वो ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सिविल और क्रिमिनल ऐक्शन लिया जाएगा।
बीजेपी ने पिछले सप्ताह एक वेबसाइट में प्रकाशित गुहा के बयान के आधार पर उन्हें नोटिस भेजा है। इसमें उन्होंने कहा था, ‘इसकी बहुत संभावना है कि गौरी लंकेश के हत्यारे भी उसी संघ परिवार से जुड़े हों, जिससे जुड़े लोगों ने ही दाभोलकर, पानसारे और कलबुर्गी की हत्या की थी।’
लीगल नोटिस में कहा गया है कि अब तक इन हत्याओं के केस सुलझे नहीं हैं। कर्नाटक के एक बीजेपी नेता ने कहा कि आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है। वहीं, बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी है। नोटिस में कहा गया है, ‘आपकी ओर से जानबूझकर गलत बयान दिए जाने से हमारे मातृ संगठन से जुड़े हजारों लोगों और समर्थकों में गहरी नाराजगी है।’
नोटिस पर गुहा ने ट्वीट के जरिये जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ‘आज भारत में स्वतंत्र लेखकों और पत्रकारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सताया जा रहा है यहां तक की उनकी हत्या की जा रही है।
In India today, independent writers and journalists are harassed, persecuted, and even killed. But we shall not be silenced.
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) September 11, 2017
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था एक किताब या लेख का जवाब अन्य लेख या किताब से दिया जा सकता है। लेकिन हम अब वाजपेयी के भारत में नहीं रह रहे हैं।’
Atal Bihari Vajpayee said the answer to a book or article can only be another book or article. But we no longer live in Vajpayee's India
— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) September 11, 2017