विवादित बयानों की वजह से हमेशा मीडिया में छाए रहने वाले बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष चुनाव आयोग में जमा अपने सर्टिफिकेट को लेकर फिर एक नए विवाद के शिकार हो गए हैं। चुनाव आयोग में जमा सर्टिफिकेट के अनुसार घोष ने झार ग्राम पोली पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा किया है।
ख़बर के अनुसार आरटीआई में यह ख़ुलासा हुआ है कि ईश्वर चंद्र विद्या सागर पॉलिटेक्निक कॉलेज के रिकॉर्ड में 1975 से 1990 के बीच दिलीप घोष के डिप्लोमा करने का कोई सबूत नहीं हैं।
दरअसल 2016 के विधानसभा चुनाव में आयोग को दिए हलफनामे में दिलीप घोष ने कहा था कि उन्होंने झाड़ ग्राम पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा पास किया है। लेकिन उन्होंने उसका कोई विवरण नहीं दिया था।
दिलीप घोष के खिलाफ आरटीआई आवेदन देने वाले भाजपा नेता अशोक सरकार हैं। कल शुक्रवार को उन्हें पार्टी अध्यक्ष से संबंधित आरटीआई जमा कराने के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।
अशोक सरकार ने कहा है कि वह बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बमान बनर्जी को पत्र लिखकर दिलीप घोष को निष्काषित करने की अपील करेंगे।
आरटीआई के जवाब में कॉलेज के प्रिंसिपल ने लिखा है कि कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार दिलीप घोष पिता भोलानाथ घोष ग्राम कोलीना, पोस्ट मलाँचा, पुलिस स्टेशन बेलाबेड़ा जिला पश्चिमी मदनीपुर ने ईश्वर चंद्र विद्या सागर पॉलिटेक्निक कॉलेज से 1975 से 1990 के बीच कोई इंजीनियरिंग की डिप्लोमा नहीं की है।