महिला मरीज से बलात्कार के आरोप में डॉक्टर बरी

दिल्ली की एक अदालत ने एक चिकित्सक को एक महिला मरीज से बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया है और कहा है कि कथित पीड़िता का बयान असंगत था और उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने दक्षिण दिल्ली में एक निजी क्लीनिक चलाने वाले आरोपी चिकित्सक को भारतीय दंड संहिता के तहत बलात्कार और आपराधिक आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘परिस्थितियों और शिकायतकर्ता की गवाही, अभियोजन के मामले को संदेह से मुक्त नहीं कहा जा सकता। शिकायतकर्ता की गवाही में सामग्री विरोधभास है जो मामले की सच्चाई पर संदेह खड़ा करता है।’’ अदालत ने कहा कि यद्यपि ऐसे मामलों में पीड़िता का केवल बयान ही स्वीकार्य होता है लेकिन ऐसी परिस्थिति, जो अदालत के मन में संदेह डाले, उसमें पीड़िता की गवाही पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। अभियोजन के अनुसार महिला ने 14 जुलाई 2016 को यह आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करायी थी कि वह क्लीनिक गई थी क्योंकि उसके पेट में दर्द था। उसने आरोप लगाया कि आरोपी चिकित्सक ने उसे कुछ पीने के लिए दिया और एक कमरे में ले गया जहां उसने उससे बलात्कार किया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसने उसे कृत्य का वीडियो आनलाइन डालने की भी धमकी भी दी।

महिला ने यद्यपि अदालत के समक्ष अपने बयान में घटना से इनकार किया और दावा किया कि उसे शिकायत के तथ्यों की जानकारी नहीं है तथा पुलिस एवं एक गैर सरकारी संगठन ने उसे इस पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया था।